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विमान हादसे में ही हुई थी नेताजी की मौत, सबूत जारी

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अंतिम दिनों को दुनिया के सामने लाने के मकसद से बनी ब्रिटेन की एक वेबसाइट ने ताइवान के एक अधिकारी द्वारा दिया गया सबूत जारी किया है। इन सबूतों में ताइवान अधिकारी ने दावा किया है कि नेताजी की मृत्यु 1945 में विमान हादसे में हुई थी और उसके बाद उसने खुद नेताजी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कराया था।
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ब्रिटेन की वेबसाइट बोस फाइल्स डॉट इन्फो के मुताबिक इन सबूतों का स्त्रोत ‘यूके फॉरेन ऑफिस फाइल नंबर एफसी 185/6’ है और ये सबूत 1956 में दिए गए थे। बोसफाइल्स डॉट इन्फो वेबसाइट यही बात साबित करने के लिए तैयार की गई है कि स्वतंत्रता सेनानी नेताजी की मौत 18 अगस्त 1945 को ताइपेई में एक हवाई पट्टी के बाहर विमान हादसे में हुई थी।

रिकॉर्ड में कहा गया है कि ताइवानी अधिकारी तान ती-ती उस समय ताइपेई में अंतिम संस्कार की अनुमति प्रदान करने से संबंधित कार्य के प्रभारी थे। वेबसाइट का दावा है कि ताइवान अधिकारी ने नेता जी के पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार के बारे में किसी भी विवाद को सिरे से खारिज किया है।
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दस्तावेज करते हैं खुलासा

ब्रिटेन की वेबसाइट के मुताबिक नेता जी के अंतिम संस्कार होने की बात करने वाली फाइल संकेत करती हैं कि ब्रिटेन के विदेश विभाग को ताइवान पुलिस ने यह रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद ब्रिटेन के विदेश विभाग ने यह सबूत दिल्ली स्थित ब्रिटिश उच्चायोग के जरिये जुलाई 1956 में भारत सरकार को भी भेज दिया था।

दस्तावेज खुलासा करते हैं कि ताइवान में ब्रिटेन के महावाणिज्य दूत अल्बर्ट फ्र्रैंकलिन ने 15 मई 1956 को ताइवान सरकार को पत्र लिखकर बोस की मौत की जांच कराने को कहा था। इसके जवाब में, ताइवान की प्रांतीय सरकार के अध्यक्ष सीके येन ने 27 जून 1956 को एक विस्तृत पुलिस रिपोर्ट भेजी।

इसमें तान ती-ती का साक्षात्कार भी था, जिसमें कहा गया कि बोस का अंतिम संस्कार 22 अगस्त 1945 को किया गया।  शव के साथ आए एक जापान अधिकारी ने ती-ती से कहा कि यह शव भारतीय नेता सुभाष चंद्र बोस का है, जो महत्वपूर्ण काम से टोकियो जाते समय विमान हादसे का शिकार हो गए।
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अंतिम संस्कार की दी गई थी मंजूरी

ती-ती के मुताबिक इस जापानी अधिकारी ने किसी इंचिरो ओंकुरा नामक व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपा था। ती-ती ने अल्बर्ट फ्र्रैंकलिन को स्पष्ट किया कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ताइवान में बिना परिजनों के आजाद हिंद फौज के सर्वोच्च कमांडर बोस के मामले में एक सैन्य अस्पताल से जारी प्रमाणपत्र के आधार पर अंतिम संस्कार की मंजूरी दे दी गई।

ताइवान के स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस के निष्कर्ष में कहा गया, ‘निगम स्वास्थ्य केंद्र में अंतिम संस्कार का रजिस्टर है और स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों का मानना है कि प्रविष्टि (बोस के अंतिम संस्कार से संबंधित) इचिरो ओकुरा के नाम से की गई ।’
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