अमेरिका और यूरोपीय संघ ने ईरान पर लगाए अपने आर्थिक प्रतिबंध हटा लिए हैं। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और गिर सकती हैं। माना जा रहा है कि प्रतिबंध के हटने से भारत ईरान से अपने लिए ज्यादा मात्रा में सस्ता और अच्छी गुणवत्ता वाला तेल का आयात कर सकेगा। प्रतिबंध से पहले भारत के लिए ईरान सऊदी अरब के बाद दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता था। बाद में वह सातवें स्थान पर आ गया था।
ताकतवर देशों ने यह निर्णय संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों की रिपोर्ट के इस निष्कर्ष के बाद लिया है कि ईरान ने ऐतिहासिक परमाणु समझौते का अपना वादा निभाया है। आर्थिक प्रतिबंधों के हटने के बाद ईरान विदेशों में पड़ी लगभग सौ अरब डॉलर की अपनी परिसंपत्तियां पुन: हासिल कर सकेगा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में व्यापार कर पाएगा।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के इस प्रमाण के बाद कि उसने परमाणु समझौते के वादे को पूरा किया है, अमेरिका के गृह मंत्री जॉन केरी ने कहा कि आज का दिन अपेक्षाकृत सुरक्षित विश्व के तौर पर जाना जाएगा। दो साल पहले ईरान ने जो वादा किया था उसे पूरा करने की दिशा में प्रतिबद्धता से कदम से उठाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्रतिबंधों से संबंधित प्रतिबद्धता अब प्रभावी हैं और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है।
रूहमा ने बताया दोस्ती का एक नया अध्याय
तेहरान और वाशिंगटन द्वारा लंबे समय से जेल में बंद कैदियों को एक दूसरे
को सौंपे जाने के तुरंत बाद केरी का यह बयान आया। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप
और मार्को रुबियो सहित अमेरिका में राष्ट्रपति पद के कई रिपब्लिकन
उम्मीदवारों ने कैदियों के छोड़े जाने को कमजोरी का संकेत बताया है।
इस
घटनाक्रम पर ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि इन प्रतिबंधों के
हटने से ईरान के इतिहास का सुनहरा दौर शुरू हो गया है। उन्होंने कहा, ‘हमने
विश्व के साथ दोस्ती का एक नया अध्याय शुरू किया है। ईरान के दोस्त आज खुश
हैं। ईरान के प्रतिस्पर्धियों को भी चिंता नहीं करनी चाहिए, हम किसी देश
या सरकार के लिए खतरा नहीं हैं। इस क्षेत्र और पूरे विश्व के लिए हम शांति,
स्थिरता और सुरक्षा के संदेशवाहक हैं।’ संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की
मून ने इसे अहम उपलब्धि करार दिया है।
वैश्विक
शक्तियों- अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन, फ्रांस और जर्मनी के साथ परमाणु
समझौते पर ईरान की सहमति पिछले साल जुलाई में बनी थी। वियना में ईरान के
विदेश मंत्री जवाद शरीफ और छह वैश्विक शक्तियों का प्रतिनिधित्व करने वाली
यूरोपियन यूनियन की विदेश नीति प्रमुख ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि
परिणामस्वरूप, ‘ईरान की न्यूक्लियर योजना से संबद्ध बहुपक्षीय और राष्ट्रीय
आर्थिक और वित्तीय प्रतिबंध हटा लिए गए हैं।’