भारत दौरे के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की गलतियां अब उन पर भारी पड़ रही हैं। 2017 की चुनावी जीत के बाद पोल में पहली बार उनकी लोकप्रियता में गिरावट आई है और विपक्षी पार्टियां मजबूत हो रही है।
पोलिंग फर्म अब्सकस के सीईओ डेविड कोलेटो के मुताबिक एकाएक उनकी लोकप्रियता में गिरावट आ रही है। विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी आगे बढ़ रही है। सीबीसी के पोल ट्रैकर में भी विपक्षी पार्टी को 37.7 फीसदी मत मिले हैं, तो सत्ताधारी लिबरल को मात्र 33.7 प्रतिशत। वहीं न्यू डेमोक्रेटिव पार्टी का रुझान 18.5 प्रतिशत रहा। विशेषज्ञों के मुताबिक फरवरी में एक हफ्ते से लंबे भारत दौरे के दौरान की गई ढेर सारी गलतियां उनकी लोकप्रियता में गिरावट का कारण हैं।
अमेरिकी और ब्रिटिश मीडिया समेत दुनिया भर में इस दौरे के दौरान उनके पहनावे की आलोचना हुई। कहा गया, ऐसा लग रहा था कि वह किसी बॉलीवुड फिल्म का हिस्सा हैं। पूर्व खालिस्तानी समर्थक जसपाल अटवाल के मुंबई के एक कार्यक्रम में शामिल होने की घटना की भी खूब आलोचना हो रही है।
कनाडा के लोगों का मानना है कि एक नई सोच वाले राजनेता के रूप में ट्रूडो और कनाडा की अंतरराष्ट्रीय छवि को धक्का लगा है। कोलेटो के मुताबिक ट्रूडो की गंभीर नेता की छवि में गिरावट आई है। लोगों सवाल उठाने लगे हैं कि क्या ट्रूडो प्रधानमंत्री के पद के लिए सही व्यक्ति हैं। उनके आलोचक लेखक एंड्रू कोने कहते हैं, ट्रूडो लुभाते हैं, लेकिन उनमें बौद्धिकता कम है।