यमन सरकार और शिया हौसी विद्रोहियों ने संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में एक समझौते पर दस्तखत किए हैं जिसमें देश में जारी राजनीतिक संकट को खत्म करने का प्रयास किया गया है।
इस समझौते के मुताबिक़, एक नई सरकार का गठन किया जाएगा। इसमें हौसी विद्रोहियों को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार पेश करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।
यमन के प्रधानमंत्री मोहम्मद सलीम बसिंदवा के इस्तीफे के कुछ ही घंटों के बाद इस समझौते पर दस्तखत हुए हैं। हौसी विद्रोही नई सरकार के गठन और ईंधन पर रियायत बहाल करने की मांग कर रहे थे।
इस समझौते से हौसी विद्रोहियों को यमन सरकार में अप्रत्याशित भूमिका मिल जाएगी।