सीरिया में विपक्षी कार्यकर्ताओं ने हाल ही में आरोप लगाया था कि सरकारी लड़ाकू विमान से दागे एक गए क्लस्टर बम के हमले में कम से कम 10 बच्चे मारे गए हैं।
इंटरनेट पर जारी एक वीडियो में दिखाया गया था कि राजधानी दमिश्क के पूर्व में एक गांव में बच्चों के खेल के मैदान पर ये बम गिराया गया।
मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि लगातार ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं जो बताते हैं कि सीरियाई संकट में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल हो रहा है। वहीं सरकार इससे इनकार करती है।
क्या होते हैं क्लस्टर बम
क्लस्टर बम अपने आप में बहुत से बमों का एक गुच्छा है जो लड़ाकू विमानों से गिराया जाता है। अपने अंदर मौजूद बमों को गिराने से पहले क्लस्टर बम मीलों तक उड़ सकता है।
जब वो जमीन से 1000 मीटर से 100 मीटर के बीच किसी ऊंचाई पर होता है तो क्लस्टर बम का आवरण घूमता है और उसमें मौजूद बम एक बड़े इलाके में गिरने शुरू हो जाते हैं।
इनमें हर बम में धातु की सैड़कों धातु टुकड़े होते हैं। जब वो फटते हैं तो 25 मीटर दूर तक लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
सीरियाई सरकार पर आरोप
सीरियाई सरकार पर आरोप लगा कि उसके एक लड़ाकू विमान ने खेल के एक मैदान पर क्लस्टर बम फेंका जिससे 10 बच्चों की मौत हो गई।
इंटरनेट पर जारी एक वीडियो में मैदान में बच्चों की लाशें बिखरी दिखाई गई जिनके पास उनकी मां विलाप कर रही थी।
सीरिया में जारी विद्रोह के बीच सरकारी बलों पर क्लस्टर बमों के इस्तेमाल के आरोप बढ़ रहे हैं, हालांकि सरकार इनसे इनकार करती है।
क्लस्टर बम एक बेहद खतरनाक हथियार है, जिसके इस्तेमाल, उत्पादन और इन्हें रखने पर रोक लगाने के लिए 2008 में एक समझौता हुआ।
एक अगस्त 2010 से ये समझौता लागू हो गया और अब तक दुनिया के 76 देशों ने इसका अनुमोदन किया है जबकि 35 अन्य देश इस पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।
लेकिन इनमें अमरीका, रूस, चीन और भारत जैसे बड़े और सैन्य रूप से ताकतवर देश शामिल नहीं हैं। इराक, अफगानिस्तान, वियतनाम समेत कई बड़े संघर्षों के दौरान क्लस्टर बम इस्तेमाल किए गए।