अजरबैजान और आर्मीनिया में संघर्ष
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कॉकेशस क्षेत्र के विवादास्पद नागोरनो कोराबाख इलाक़े में अज़रबैजान और आर्मीनिया के बीच झड़पों में कई लोगों की मौत हो गई है। आर्मीनिया ने दावा किया है कि इन झड़पों में उसके 18 सैनिक मारे गए हैं जो पिछले दो दशक में सेना को हुई सबसे बड़ी क्षति है। दूसरी तरफ अज़रबैजान का कहना है कि उसके 12 सैनिक मारे गए हैं। दोनों तरफ के आम नागरिकों के मारे जाने की अपुष्ट ख़बरें भी आ रही हैं। आर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच 1994 में युद्ध खत्म होने के बाद से ही नागोरनो कोराबाख इलाक़े पर आर्मीनियाई अलगाववादियों का कब्जा है।
दोनों देशों को हथियार बेचने वाले रूस ने आर्मीनिया और अज़रबैजान से तत्काल संघर्षविराम करने की अपील की है और दोनों पक्षों को संयम बरतने को कहा है। अज़रबैजान का कहना है कि उसके सैनिकों पर भारी हथियारों से गोलीबारी की गई और फिर उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए सामरिक दृष्टि से अहम दो पहाड़ियों और एक गांव पर क़ब्ज़ा कर लिया है। दूसरी तरफ़ आर्मीनिया सरकार ने आरोप लगाया है कि पहले अज़रबैजान ने टैंकों, तोपों और हेलीकॉप्टरों से भारी गोलीबारी की थी। आर्मीनिया समर्थित रक्षा मंत्रालय ने कोराबाख में बताया कि 12 साल के एक बच्चे की मौत हो गई है जबकि दो अन्य बच्चे घायल हैं। आर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच 1980 के दशक के अंत में संघर्ष की शुरुआत हुई थी और 1991 में सोवियत संघ के विघटन पर इसने युद्ध का रूप ले लिया था। साल 1994 में युद्धविराम से पहले इस लड़ाई में 30 हज़ार लोग मारे गए थे।