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मिस्रः ताजा झड़पों में 50 लोगों की मौत

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मिस्र में पुलिस और अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी के समर्थकों के बीच हुई ताज़ा हिंसक झड़पों में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं।
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इस बीच राजधानी काहिरा में मुस्लिम ब्रदरहुड के 200 से ज़्यादा समर्थकों को गिरफ़्तार कर लिया गया है। काहिरा से करीब 40 मौतों की खबर है।

एक तरफ़ मिस्र में सेना समर्थित सरकार 1973 के अरब इसराइली युद्ध की 40वीं वर्षगाँठ मना रही थी, तो दूसरी ओर मोर्सी के समर्थक विभिन्न शहरों में रैलियाँ निकाल रहे थे।

घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति कहना था, " मैं सेना में अफ़सर था लेकिन सेना की ये नीति नहीं है। हम इसराइल के खिलाफ़ युद्ध कर चुके हैं न कि मिस्र की जनता के खिलाफ़। आप अपना सम्मान करिए। ये शर्मनाक बात है कि जिस पैसे से हमने आपके लिए बंदूकें खरीदीं उसी का इस्तेमाल आप लोगों के खिलाफ़ कर रहे हैं। हमें डर है कि मिस्र को 1967 की तरह एक और संकट का सामना न करना है।"
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उधर काहिरा के तहरीर चौक पर कई सौ लोग जमा थे। इस मौके पर सेना ने मिलिट्री परेड का आयोजन किया था, आसमान में वायु सेना के हवाई जहाज़ और हेलीकॉप्टर चक्कर लगा रहे थे।

काहिरा में बीबीसी संवाददाता क्वेंटिन समरविल के मुताबिक मोर्सी समर्थकों ने तहरीर चौक पहुँचने की कोशिश की। वो सैन्य प्रमुख जनरल अब्दल फतह अल-सीसी को हत्यारा करार दे रहे थे।

सैनिकों ने उन्हें रोकने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े और हवा में गोलियाँ चलाईं। इस दौरान दोक्की इलाके में कई प्रदर्शनकारियों को गोलियाँ लगीं। बदले में उन्होंने सुरक्षाबलों पर पत्थरों से हमला किया। ये मुठभेड़ करीब चार घंटे चले।
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काहिरा के कई हिस्सों से धुँआ उठ रहा था। गृह मंत्रालय ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की धमकी पहले ही दे दी थी। राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री हाज़ेम बेबलावी ने इसे देश के लिए मुश्किल वक्त बताया और सभी लोगों से एकता बनाए रहने का अनुरोध किया।

13 जुलाई को जबसे सेना ने मोहम्मद मोर्सी को राष्ट्रपति के पद से हटाया है तभी से मिस्र में हिंसा में कई सौ लोग मारे जा चुके हैं।
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