बो शिलाई को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने पार्टी से निकाल दिया है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इस बाबत एक समाचार जारी किया है। समाचार एजेंसी का यह भी कहना है कि शिलाई पर भ्रष्टाचार का मुकदमा भी चलाया जाएगा।
नाटकीय पृष्ठभूमि
एक नाटकीय घटनाक्रम में पद से हटा दिए जाने के पहले शिलाई चोकिंग के राज्यपाल थे। बीते अगस्त के महीने में बो शिलाई की पत्नी गू कईलाई को चीन की एक अदालत ने एक ब्रितानी नागरिक नील हेवुड की हत्या का दोषी ठहराया था और उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई है। कईलाई की सज़ा को स्थगित रखा गया है।
अपनी पत्नी के द्वारा हत्या में शामिल होने की ख़बर के सामने आने के बाद से ही बो शिलाई को सार्वजानिक रूप से नहीं देखा गया है। बो शिलाई को अप्रैल में उनके पद से निलंबित कर दिया गया था।
गंभीर परिणाम
शिन्हुआ में छपे समाचार के अनुसार बो शिलाई पर भ्रष्टाचार, अपने पद के दुरुपयोग, रिश्वत लेने और महिलाओं के साथ गलत संबंध रखने के आरोप हैं।
इस समाचार में यह भी कहा गया है कि "बो शिलाई के कामों के गंभीर परिणाम हुए हैं और इनसे पार्टी और देश की छवि को नुकसान पहुंचा है।"
शिन्हुआ ने यह भी कहा है कि चीन के सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के सर्वाधिक महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक पार्टी कांग्रेस का आयोजन 8 नवंबर से होगा। इस एक दशक में एक बार होने वाले आयोजन में शी जिनपिंग चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ की जगह लेंगे।
बो शिलाई का मुकदमा इतना ज़्यादा सनसनीखेज़ हो गया है कि यह चीन में इस समय बाकि सभी मुद्दों पर भारी है।