भारत समेत दुनिया के बहुत से देशों में हड़ताल आम बात है, लेकिन सिंगापुर में 26 साल में पहली बार हड़ताल हुई है और इस सिलसिले में 29 चीनी ड्राइवरों को वापस उनके देश भेज दिया गया है। चीन से भर्ती किए गए 171 ड्राइवरों ने पिछले हफ्ते वेतन और रहन-सहन की परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए काम का बहिष्कार किया था।
इस मामले में सिंगापुर में विदेशी और कम दक्ष कामगारों के बारे में नीति पर बहस को जन्म दिया है। चीन सरकार का कहना है कि वो सिंगापुर में अपने नागरिकों की गिरफ्तारी को लेकर चिंचित है।
हड़ताल पर सख्ती
गिरफ्तार लोगों में से एक के खिलाफ सोमवार को आपराधिक आरोप तय किए गए और उसे छह सप्ताह की कैद की सजा सुनाई गई है। ये आरोप हड़ताल विरोधी कानूनों के तहत लगाए गए हैं। पिछले हफ्ते चार लोगों पर ये आरोप तय किए जा चुके हैं। सिंगापुर में नियोक्ता को 14 दिन पहले नोटिस दिए बिना आवश्यक सेवाओं में काम कर रहे लोगों के लिए हड़ताल गैरकानूनी है।
अधिकारियों ने शनिवार को एक बयान में बताया कि 29 अन्य ड्राइवरों का वर्क परमिट भी खत्म किया जाएगा। बाद में उन्हें प्रत्यर्पित किया जाएगा। इनमें से किसी भी व्यक्ति की पहचान जाहिर नहीं की गई है। बयान में कहा गया है कि इनके अलावा किसी और का प्रत्यर्पण नहीं होगा। 1986 के बाद ये सिंगापुर में पहली हड़ताल है जिसमें सरकारी बस सेवा एसएमआरटी के ड्राइवर शामिल हुए।