चीन के दक्षिण पश्चिमी इलाके कूनमींग में एक समूह ने लोगों चाकूओं से पर हमला किया है जिसमें 29 लोगों की मौत हो गई है।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक रेलवे स्टेशन पर किए गए इस हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।
प्रशासन ने इसे सुनियोजित चरमपंथी हमला बताया है। शिन्हुआ के मुताबिक़ सुरक्षाबलों ने चार संदिग्धों को मार गिराया और अन्य की तलाश की जा रही है।
शहर के अधिकारियों ने कहा कि सबूत इस बात का इशारा कर रहे हैं कि हमले के पीछे देश के पश्चिमी इलाके शिनचियांग में सक्रिय चरमपंथियों का हाथ है। लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
जांच
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कचियांग ने हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को अपने शोक संवेदनाएं भेजी हैं। राष्ट्रपति ने मामले की जांच में सभी संभव प्रयास करने की अपील की है।
शिन्हुआ ने राष्ट्रपति के हवाले से कहा है कि इस हमले के ज़िम्मेदार लोगों को क़ानून के मुताबिक़ कड़ी सज़ा दी जाएगी और क्लिक करें चरमपंथियों और अहंकारियों के साथ सख़्ती से निपटा जाएगा।
समाचार एजेंसी एपी ने एक स्थानीय टेलीविज़न चैनल के हवाले से कहा है कि पुलिस ने इन हमलावरों पर गोलियां भी चलाई थी।
वहीं हमले के चश्मदीदों का कहना है कि अधिकांश हमलावर काले कपड़े पहने हुए थे और उन्होंने लोगों पर अचानक हमला कर दिया।
इस हमले में यांग हायफ़ी को पीछे औ सीने पर चोट आई है। उन्होंने शिन्हुआ को बताया कि हमलावर जब रेलवे स्टेशन में घुसे तो वह टिकट ले रहे थे।
उन्होंने कहा, ''एक लंबा चाकू लिए एक आदमी मेरी ओर आया और यह देखकर मैं अन्य लोगों के साथ वहां से भागा। जो लोग तेज़ी से नहीं दौड़ पाए वो काट डाले गए।''
सोशल मीडिया पर तस्वीरें
चीन के सरकारी टेलीविज़न ने इसे एक ''हिंसक चरमपंथी हमला'' बताया है।
सोशल नेटवर्क साइट इस्तेमाल करने वालो ने इस हमले की तस्वीरें भी इंटरनेट पर लगाई है हालांकि बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन्हें अब हटाया जा रहा है।
बीबीसी को जो तस्वीरें मिली है उनके मुताबिक हमले के बाद महिला और पुरुषों को घटनास्थल पर पड़े हुए है और उनके आसपास ख़ून बिखरा हुआ देखा जा सकता है।
चीन में चाकूओं से सामूहिक हमले नई बात नहीं है लेकिन इतनी बड़े पैमाने पर इस तरह का हमला लंबे समय से सामने नहीं आया था।