चीन ने स्वीकार किया है कि वह
दोकलम में विवादित क्षेत्र के पास सड़क और सैन्य कॉम्प्लेक्स सहित बड़े पैमाने पर अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास कर रहा है। साथ ही, इसे जायज ठहराते हुए कहा है कि इसका उद्देश्य अपने सैनिकों और नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाना है। हाल में आई खबरों में
सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों के हवाले से कहा गया है कि भारत के साथ फिर गतिरोध पैदा करने के लिए चीन दोकलम में सीमा पर भारी सैन्य जमावड़ा कर रहा है।
इस रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, ‘मैंने भी वह रिपोर्ट देखी है। मुझे नहीं मालूम ऐसी तस्वीरें किसने मुहैया कराई लेकिन दोंगलोंग (दोकलम) को लेकर हमारी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। यह हमेशा से चीन का हिस्सा रहा है। इस संबंध में कोई विवाद नहीं है।’
मालूम हो कि इस इलाके पर भूटान भी अपना दावा करता है। इससे होकर गुजरने वाला गलियारा (चिकेंस नेक कॉरीडोर) भारत के लिए भी सामरिक दृष्टि से अहम है क्योंकि शेष भारत को उत्तर पूर्व से जोड़ने का यह महत्वपूर्ण मार्ग है।