चीन के सैन्य अड्डे अफगानिस्तान के वाखां कोरिडॉर में बनाए जा सकते हैं। जानकारी मिली है कि चीन और अफगानिस्तान के सैनिकों ने वहां संयुक्त रुप गश्ती करते हुए भी देखा गया है।
चीन का शिंगजियांग भूभाग, जोकि बंजर माना जाता है वहां के लोगों को अफगानिस्तान के साथ चीन के तनाव के बारे में जानकारी नहीं है और वह वहां शांति के जीवन बिता रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक शिंगजियांग के लोगों के अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध है। चीन को लंबे समय से चिंता सता रही है कि अफगानिस्तान में फैली
अस्थिरता चीन के शिंगजियांग इलाके में रहनवे वाले मुस्लिम उइघुर लोगों तक पहुंच सकती है।
दरअसल चीन पर आरोप है कि वह पिछले कई सालों से वहां रहने वाले मुस्लिमों पर अत्याचार कर रहा है। जिसमें अब तक सैकड़ों
मुस्लिमों की मौत भी हो चुकी है। अफगानिस्तान के उग्रवादी इसका बदला लेना चाहते है, चीन को डर है उग्रवादी अफगानिस्तान के रास्ते वाखां बॉर्डर में घुस भी सकते हैं। लिहाजा हर तरीके से उस इलाके को महफूज किया जा रहा है।
पूरे साउथ एशिया में दबदबा बनाने के लिए चीन के राष्ट्रपित शी जिनपिंग बिजिंग की अर्थव्यवस्था का विस्तार कर रहे हैं। आने वाले कुछ समय में चीन पूरे
साउथ एशिया में इसीलिए बिलियन डॉलर्स का निवेश कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी इलाके में अस्थिरता चीन के लिए असुरक्षा की भावना को पैदा कर सकती है।