चीन में 2011 में मेकोंग नदी में 13 चीनी मछुआरों की हत्या के सिलसिले में चार लोगों को मौत की सजा दे दी गई है।
सरकारी मीडिया की खबरों के अनुसार चीन के युनान प्रांत के कुनमिंग में जहरीला इंजेक्शन लगाकर इन्हें मिली मौत की सजा पर अमल हुआ।
इन लोगों में नाव खाम नाम का एक बर्मी नागरिक भी था, जिसे थाईलैंड, लाओस और बर्मा के ‘स्वर्ण त्रिभुज’ इलाके के सबसे ताकतवर अपराधियों में से एक माना जाता था।
मेकोंग नदी में अक्तूबर 2011 में चीनी मछुआरे दो मालवाहक जहाजों में मरे हुए पाए गए थे।
सोशल मीडिया पर नाराजगी
चीन के सरकारी मीडिया का कहना है कि नाव खाम और उसके आदमियों ने थाई सैनिकों के साथ मिलकर इन जहाजों पर हमला किया था।
चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार नाव खाम के अलावा जिन लोगों को मौत की सजा दी गई है उनमें थाईलैंड के ह्सांग खाम और लाओस के झा शिका ते अलावा ई लाई नाम का एक व्यक्ति भी था जिसका कोई देश नहीं था।
चीन के सीसीटीवी पर इन लोगों को जेल की कोठरी से ले जाते हुए दिखाया गया। हालांकि फुटेज में इन लोगों को मारे जाने के दृश्य नहीं दिखाए गए हैं।
इस बीच चीन में सोशल मीडिया पर लोगों ने कैदियों की टीवी कैमरे के सामने परेड पर नाराजगी जताई है।
सुरक्षा कड़ी
पिछले साल इन लोगों के गिरोह को बर्मा में गिरफ्तार किया गया था और मई में चीन लाया गया था। नवंबर में इन्हें जानबूझ कर हत्या करने, नशीली दवाओं के अवैध कारोबार, अपहरण और अगवा करने का दोषी करार दिया गया था।
इस मामले में दो अन्य लोग भी दोषी करार दिए गए हैं जिनमें एक को मौत की सजा और एक को आठ साल कैद की सजा मिली है।
उधर थाइलैंड ने इस मामले में अपने नौ सैनिकों के खिलाफ जांच शुरू की है। चीन, बर्मा, थाइलैंड ने मेकोंग नदी में सुरक्षा बढ़ा दी है।