चीन की एक अदालत ने एक क्लीनिक को आदेश दिया है कि वो एक पुरूष समलैंगिक को लगभग 35 हजार रुपए का हर्जाना दे।
क्लीनिक पर आरोप है कि उसने इस समलैंगिक को बिजली के झटके दे कर हिट्रोसेक्सुअल बनाने का प्रयास किया था।
बीजिंग की जिला अदालत ने कहा कि क्लीनिक यांग थेंग नाम के इस व्यक्ति को 560 डॉलर यानी लगभग 35 हज़ार रुपए चुकाए।
अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि बिजली के झटके देने की कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि यांग को 'ऐसे इलाज' की जरूरत नहीं थी।
वो अपने माता पिता के दबाव में क्लीनिक में आए थे। उन्होंने कहा कि क्लीनिक में हुए कथित इलाज के तरीकों से उन्हें शारीरिक और भावनात्मक, दोनों ही तरह का नुकसान हुआ है।
लगभग एक दशक पहले ही चीन में समलैंगिकता को मानसिक विकृति की श्रेणी से हटा दिया गया था, लेकिन अब भी वहां कई क्लीनिक इसका इलाज करने का दावा करते हैं।