कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफ साथ देने के पाकिस्तान के दावे की एक बार फिर चीन ने हवा निकाल दी है। चीन ने स्प्ष्ट तौर पर पाकिस्तान मीडिया के उस दावे को मानने से इंकार कर दिया है। जिसमें कहा गया था कि कश्मीर के मुद्दे पर भारत के साथ युद्घ जैसी स्थिति में वे पाकिस्तान का साथ देगा। चीन ने भारत और पाकिस्तान दोनों को अपना पड़ोसी और दोस्त कहते हुए कश्मीर समेत तमाम मुद्दों पर आपसी विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की बात कही है।
दरअसल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग से पाकिस्तान में चीन के महावणिज्यदूत यू बोरेन की कथित टिप्पणी के बारे में पूछा गया था। पाकिस्तान के एक अखबार डॉन ने पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ के कायार्लय के हवाले से लिखा था कि बोरेन ने मुलाकात में शरीफ को भरोसा दिया था कि किसी (विदेशी) युद्घ की स्थिति में चीन पाकिस्तान का साथ देगा।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पत्रकारों को कहा कि राजदूत की किसी तरह की टिप्पणी के बारे में उनको जानकारी नहीं है। शुआंग ने कहा, ‘जो आप बता रहे हैं उस स्थिति के बारे में मुझे नहीं पता है। लेकिन समसामयिक मुद्दे पर चीन का रुख स्थिर और स्पष्ट है।’ हफ्ते भर में दूसरी बार चीन को पाक की ओर से फैलाई जा रही ऐसी खबरों का खंडन किया है।
इससे पहले 22 सितंबर को भी चीन ने इस बात का खंडन किया था कि कश्मीर मुद्दे पर वह पाकिस्तान के साथ है। उस समय भी जब चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग ने अपने समकक्ष नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। तो तब भी पाक के अखबार डॉन समेत कुछ और मीडिया में खबर आई थी कि ली ने कश्मीर मुद्दे पर पाक का साथ देने का भरोसा नवाज को दिया था। तब भी चीन ने इस तरह की खबरों से दूरी बनाई थी।