चिली के एक टीवी एंकर को शराब पर चर्चा के दौरान देशभक्ति का भाव कम दिखाने के आरोपों में बर्ख़ास्त कर दिया गया है। चिली के एक शराब निर्माता संगठन ने कहा है कि पेरू में एक शराब निर्माता के साथ साक्षात्कार के दौरान पेरू की ब्रांडी को 'पिस्को' कहकर एंकर ने देशद्रोह की भावना को ज़ाहिर किया है। चिली और पेरू के बीच सदियों से 'पिस्को' नाम को लेकर विवाद होता रहा है।
पेरू इस बात पर जोर देता रहा है कि यह शब्द पेरू के एक भौगोलिक क्षेत्र को दर्शाता है जबकि चिली का कहना है कि यह अंगूर से तैयार होने वाली ब्रांडी की एक किस्म है। चिलियन एसोसिएशन ऑफ पिस्को का कहना है कि टीवी प्रेजेटर क्रिश्चियन पिनो को साक्षात्कार के दौरान पेरू के ड्रिंक का संदर्भ 'ब्रांडी' के तौर पर देना चाहिए।
पिस्को एक लोकप्रिय कॉकटेल, पिस्को साउर में मिलाई जाने वाली एक अहम सामग्री है। पेरू के लोग इसे पिस्को, अंडे का सफेद हिस्सा, बर्फ, नींबू और कड़वा एंगोस्टुरा के मिश्रण से बनाते हैं।
चिली का ड्रिंक भी लगभग समान ही है लेकिन इसमें अंडे का सफ़ेद हिस्सा और कड़वी जड़ी-बूटी नहीं मिलाई जाती है। अंगूर का इस्तेमाल शराब बनाने के लिए किया जाता है जिस अंगूर को कथित तौर पर स्पेन के उपनिवेशवादी सबसे पहले इस क्षेत्र में लेकर आए थे। फिलहाल ये अंगूर चिली और पेरू के क्षेत्रों में उगाए जाते हैं।