हमास अधिकारियों का कहना है कि गज़ा पट्टी पर बीते छह दिन से जारी हिंसा में कम से कम 105 लोग मारे जा चुके हैं जहां इसराइली फौज की बमबारी जारी है।
इस बीच मिस्र के एक संघर्ष-विराम प्रस्ताव पर चर्चा के लिए इसराइल की कैबिनेट बैठक कर रही है।
इस संघर्ष विराम की योजना का ब्यौरा नहीं मिला है लेकिन इसराइल और हमास दोनों ने ही अपनी-अपनी शर्तें रखी हैं।
इनमें इसराइल की ये शर्त भी शामिल है कि गज़ा की तरफ से उस पर कोई मिसाइल नहीं दागी जाएगी और हमास को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास किए जाने चाहिए।
वहीं हमास ने भी गजा में नाकाबंदी और इसराइली कार्रवाई बंद करने की मांग की है।
इसराइल के हमले में सोमवार को मारे गए लोगों में हमास का एक कमांडर, एक दम्पति और उनके दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
इसराइल पर भी सोमवार को सौ से ज्यादा रॉकेट दागे गए, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बीते हफ्ते यहां इसी तरह के हमले में तीन इसराइली मारे गए थे।
इसराइली कैबिनेट मंत्री उज़ी लेंडाऊ का कहना है कि गजा की ओर से लगातार बमबारी की वजह से देश को जंग का रास्ता अख्तियार करने पर विवश होना पड़ा।
मिस्र की भूमिका
मिस्र, इसराइली और हमास अधिकारियों के बीच शांति समझौते में मध्यस्थता का प्रयास कर रहा है।
बातचीत के लिए इसराइल और हमास दोनों के ही अधिकारी मिस्र की राजधानी काहिरा में मौजूद हैं।
मिस्र के एक अधिकारी ने उम्मीद जताई है कि मंगलवार को कोई घोषणा हो सकती है।
बातचीत के प्रयासों को आगे बढ़ाने के इरादे से संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून भी काहिरा पहुंच चुके हैं।
उनकी इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात की योजना है।
व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामान ने मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी और नेतन्याहू से गज़ा में हालात सुधारने की उपायों पर विचार-विमर्श किया है।
"गजा की ओर से लगातार बमबारी की वजह से देश को जंग का रास्ता अख्तियार करने पर विवश होना पड़ा।"
उज़ी लेंडाउ, इसराइली कैबिनेट मंत्री