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जासूसी से बचने के लिए ब्राज़ील की अपनी ईमेल सेवा

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ब्राज़ील की राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ़ ने अपने देश में सुरक्षित ईमेल सेवा विकसित करने की घोषणा की है।
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ब्राज़ील ने इस बात की पुष्टि की है वह अमेरिका और ब्रिटेन की साइबर निगरानी तकनीकों की काट के लिए सुरक्षित ईमेल सेवा शुरू करेगा।

ब्राज़ीलियाई राष्ट्रपति डिल्मा रुसेफ़ ने इस बाबत बीते सप्ताह कई ट्वीट किए हैं। रुसेफ़ के मुताबिक संभावित गुप्तचरी को रोकने के लिए यह आवश्यक कदम है।

उन्होंने इस बात की जानकारी भी दी है कि ब्राज़ील की फ़ेडरल डाटा प्रोसेसिंग सर्विस को ईमेल सेवा विकसित करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

ब्राज़ील सरकार के इस कदम के बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि यह संभव तो है लेकिन इसकी एक सीमा होगी।

कैंब्रिज़ यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर प्रयोगशाला के सुरक्षा अनुसंधान विभाग के मुखिया प्रोफेसर रॉस एंडरसन ने कहा, "जर्मन ईमेल सेवा जीएमएक्स डॉट डीई को देखते हुए माना जा सकता है कि यह एक अच्छी मिसाल है।"

समस्या का बेहतर हल

एंडरसन के मुताबिक ब्राज़ीलियाई सरकार को यह ईमेल सेवा देने वाली हर कंपनी से कहना होगा कि वे अपने सर्वर ब्राज़ील में लगाएं। इसके अलावा देश के अंदर आने वाले और बाहर भेजे जाने वाले सभी संदेशों को एनक्रिप्ट करें और इन सूचनाओं तक पहुंच ब्राज़ील पुलिस और खुफ़िया सेवा की ही हो।
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एंडरसन ने कहा, ''यह समस्या की अच्छी समझ और उसका हल है।"

एंडरसन के मुताबिक ब्राज़ील को अपनी सेवा जर्मनी की जीएमएक्स सेवा और इस तरह की दूसरी एनक्रिप्ट सेवाओं की तर्ज पर डिज़ाइन करनी चाहिए।

इसके जरिए अमेरिकी नेशनल सिक्यूरिटी एजेंसी और यूके गवर्नमेंट कम्यूनिकेशन हेडक्वार्टर की निगरानी से बचना संभव होगा, हालांकि इसके लिए इन देशों के सर्वरों पर भी रोक लगानी होगी।

हालांकि ऐसी सूरत में भी सूचनाओं के लीक होने का ख़तरा बना रहेगा। साइबर जासूस अपने टारगेट कंप्यूटरों में वायरस स्थापित करने में कायमाब हो गए तो यह ख़तरा होगा। अगर कोई यूज़र्स स्पैम ईमेल का इस्तेमाल करे तो भी सूचनाएं लीक होने का ख़तरा होगा।

अमेरिकी एजेंसी पर आरोप

एंडरसन ने कहा, "हालांकि इस समस्या को उस नजरिए से भी देखे जाने की जरूरत है कि ब्राज़ील के लोग आपस में एक-दूसरे को ईमेल भेज रहे हैं और विदेशी निगरानी से सुरक्षित हैं लेकिन इन दिनों ज़्यादा से ज़्यादा कारोबार तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहा है।"

एंडरसन के मुताबिक दुनिया भर के ईमेल सेवाओं में एक तिहाई हिस्सा जीमेल का है और इससे साफ है कि अमरीका कई संदेशों को पढ़ने में कामयाब रहेगा।

एंडरसन ने कहा, "अगर आप कोई ईमेल एक दर्जन लोगों को भेजते हैं तो इस बात की संभावना होगी कि उसमें कोई एक शख़्स गूगल सेवा का इस्तेमाल कर रहा होगा।"

ब्राज़ीलियाई राष्ट्रपति रुसेफ़ की घोषणा उन आरोपों के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी सिक्यूरिटी एजेंसी ने ब्राज़ील की सरकारी तेल कंपनी पेट्रोब्रास की वेबसाइट को हैक कर लिया और ब्राज़ीलियाई लोगों के अरबों ईमेल और कॉल डिटेल का पता लगा लिया।

अमेरिकी एजेंसी पर राष्ट्रपति की ईमेल और फोन कॉल्स हैक किए जाने का आरोप लगा था, इन आरोपों के बाद रुसेफ़ ने सितंबर महीने में वाशिंगटन का प्रस्तावित दौरा टाल दिया था।

ब्राज़ीलियाई राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में कहा था, "किसी राष्ट्र की स्वतंत्रता का सम्मान किए बिना देशों के बीच बेहतर संबंध का कोई आधार नहीं हो सकता।"

इंटरनेट सुरक्षा का सवाल

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "जो रणनीतिक साझेदारी करना चाहते हैं उन्हें यह समझना होगा कि कि इस तरह की लगातार गैर कानूनी हरकतों के बीच यह संभव नहीं है।"

राष्ट्रपति रुसेफ़ ने अपने ट्विटर खाते के जरिए घोषणा की है जिसके तहत ब्राज़ील 2014 में इंटरनेट सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय बैठक आयोजित करा सकता है।

माना जा रहा है कि इस प्रस्तावित बैठक में आईसीएएनएन( इंटरनेट कॉरपोरेशन फॉर एसाइनेड नेम्स एंड नंबर्स) और दूसरी अन्य संगठन अपने कुछ अधिकार संयुक्त राष्ट्र के हवाले कर सकते हैं।
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आईसीएएनएन अभी इंटरनेट कोड और नंबरिंग सिस्टम के बीच संयोजन का काम देखता है और आधिकारिक तौर पर अमरीका के वाणिज्य मंत्रालय के अधीन है।

पिछले सप्ताह आईसीएएनएन प्रमुख फाडी चेहाडे ने ब्राज़ील की राष्ट्रपति डिल्मा रुसेफ़ से मुलाकात की है जिसमें उन्होंने आईसीएएनएन के कामकाज को ग्लोबल स्तर पर फैलाने की बात कहते हुए ऐसे वातावरण के निर्माण पर जोर दिया है जिसमें सभी सरकारें बराबरी के स्तर पर हों।
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