अधिकारियों का कहना है कि मध्य इराक स्थित सुन्नी मुसलमानों की मस्जिद में एक आत्मघाती बम विस्फोट हुआ है। इस विस्फोट में कम से कम 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
पुलिस का कहना है कि यह विस्फोट दियाला के शहर वाजिहिया में स्थित अबू बकर अल-सादिक मस्जिद में हुआ। धमाके में करीब 40 लोग घायल हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस महीने जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 2,500 से ज़्यादा पिछले कई दिनों से जारी हिंसा में मस्जिदों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
इराकी इन हमलों के शिकार हुए हैं।
भयंकर विस्फोट
प्रत्यक्षदर्शी ओमार मुंधिर ने बताया, “मैं मस्जिद के इमाम के पास ही बैठा था। मस्जिद में काफ़ी तादाद में लोग मौजूद थे। तभी एक भयंकर विस्फोट हुआ। चारों तरफ घना अंधेरा छा गया।”
उमर को इस विस्फोट में पांव में चोट आई है।
उन्होंने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, “मैंने बाद में खुद को अस्पताल की ज़मीन पर पड़ा पाया। आस-पास कई घायल पड़े थे।”
दियाला ऐसा प्रांत है जहां मुसलमानों की मिली जुली आबादी है। 2003 में अमरीका के नेतृत्व में हुए हमलों के बाद से यह प्रांत चरमपंथी गुटों की भीषण संघर्ष का गवाह रहा है।
शिया-सुन्नी संघर्ष
स्थानीय अधिकारी सादिक अल-हुसैन ने कहा कि हमले से प्रभावित होने वाले सभी लोग नागरिक है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
उन्होंने समाचार एजेंसी एपी को बताया, “चरमपंथ दियाला के चप्पे चप्पे को अपना निशाना बना रहा है। कब्रगाह, फुटबॉल मैदान सहित सुन्नी और शिया मुसलमानों के मस्जिदों को खासतौर पर हिंसक हमले किए जा रहे हैं। चरमपंथियों की मंशा इस इलाके को सांप्रदायिक संघर्ष का क्षेत्र बना देने की है।”
माना जा रहा है कि सुन्नी और शिया समुदायों के बीच तीखे होते तनाव के कारण हिंसा की घटनाओं में काफी तेज़ी आई है। सुन्नी समुदाय की शिकायत है कि शिया नेतृत्व में बनी सरकार में प्रधानमंत्री नूरी मलिकी द्वारा उन्हें हाशिए पर धकेलने की कोशिशें की जा रही हैं।