लेबनान के शहर त्रिपोली में हुए दो धमाकों में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई है और 350 से ज्यादा लोग घायल हैं। लेबनान के रेड क्रॉस ने यह जानकारी दी है।
एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि शहर के दो मस्जिदों के बाहर कार बमों के कारण धमाके हुए।
धमाके उस समय हुए, जब लोग मस्जिद से बाहर आ रहे थे। ये शहर में ज्यादातर सुन्नी मुसलमान रहते हैं।
आपातकालीन सेवाएँ मौके पर पहुँच गई हैं। ये धमाके ऐसे समय हुए हैं, जब त्रिपोली में शिया-सुन्नी तनाव चरम पर है। पड़ोसी सीरिया में संघर्ष के कारण ये तनाव बढ़ गया है।
विरोध
इनमें से एक धमाका अल तवा मस्जिद के बाहर हुआ है। बेरूत से बीबीसी अरबी सेवा ने ख़बर दी है कि लेबनान में सबसे महत्वपूर्ण सुन्नी नेता शेख सलीम रफी इस मस्जिद में अक्सर आते हैं।
शेख रफी लेबनान के शिया चरमपंथी गुट हिज्बुल्लाह के विरोधी हैं। ये अभी पता नहीं चल पाया है कि धमाके के समय वे मस्जिद में मौजूद थे या नहीं।
समाचार एजेंसी एपी का कहना है कि अल तवा मस्जिद में हुए धमाके के पाँच मिनट बाद त्रिपोली के मीना जिले में हुआ।
त्रिपोली की आबादी दो लाख है और ये लेबनान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। एक सप्ताह पहले ही बेरूत के एक शिया ज़िले में हुए एक कार बम धमाके में 27 लोग मारे गए थे।