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'जीका' का अगला निशाना हो सकते हैं भारत-चीन, वैज्ञानिकों ने दिए संकेत

Fri, 02 Sep 2016 05:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/नई दिल्ली
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'जीका' वायरस पर वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ती जा रही है। उनका अनुमान है कि एशिया और अफ्रीका में रहने वाले 2.6 अरब लोग इसके इंफेक्शन का शिकार हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ने इसका कारण लोगों की यात्रा, जलवायु और इन क्षेत्रों में पाए जाने वाले मच्छरों के पैटर्न पर इसका विश्लेषण किया है।
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रिसर्च के मुताबिक, इसकी चपेट में आने वाले कुछ प्रमुख देशों में भारत, चीन, फिलिपिंस, इंडोनेशिया, वियतनाम, पाकिस्तान और बांग्लादेश हैं।

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह रिसर्च लोगों की संख्या को ओवरएस्टिमेट कर रही है। क्योंकि, उन्हें यह नहीं पता कि इन देशों में 'जीका' का असर कहां तक पहुंच चुका है और जहां पहुंचा है वहां के लोगो में कितनी रोग प्रतिरोधक क्षमता है। 'जीका' से ग्रसित दो तिहाई लोग कभी बीमार नहीं पड़ते और उसके लक्षण हल्के हो जाते हैं। इससे सर्विलांस सिस्टम से केस छूट जाता है।
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1947 में हुई थी 'जिका' की पहचान

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बताते चलें कि पहली बार 'जीका' की पहचान साल 1947 में हुई थी। उस दौरान वायरस को उतना खतरनाक नहीं माना गया था। ब्राजिल में पिछले साल इसकी चपेट में आने से कई गर्भवती महिलाओं के बच्चों की मौत हो गई थी।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने फरवरी महीने में 'जीका' को एक ग्लोबल इमरजेंसी के रूप में बताया था। और, इस महामारी के 70 देशों में पहुंचने की बात कही थी। बीते कुछ हफ्तों में सिंगापुर में इससे 100 से ज्यादा लोग बीमार हुए हैं। अब यह फ्लोरिडा की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। 'जीका' अधिकांशत: उष्णकटिबंधीय मच्छर के कारण पहुंचता है। लेकिन, यह सेक्स और खून के संचारण से भी फैलता है।
 
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