सुरेंद्र कुमार सिन्हा, बांग्लादेश के पहले हिंदू मुख्य न्यायाधीश
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बांग्लादेश के पहले हिंदू चीफ जस्टिस सुरेंद्र कुमार सिन्हा क देश से जाने के बाद शनिवार को उन पर भ्रष्टाचार और मनीलॉन्ड्रिग का आरोप लगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब खबरें हैं कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के जजों के महाभियोग से सरकार का अधिकार खत्म करने के उनके फैसले को लेकर उनसे नाखुश है।
एक असामान्य कदम के तहत, देश के सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शीर्ष अदालत के जजों ने इस महीने की शुरुआत में भ्रष्टाचार और अनैतिकता के आरोपों को लेकर सिन्हा की पीठ में नहीं बैठने का फैसला किया।
इन आरोपों के बारे में उन्हें राष्ट्रपति ने अब्दुल हामिद ने बताया। सुप्रीम कोर्ट ने बयान ऐसे समय दिया जब सिन्हा शुक्रवार रात में ऑस्ट्रेलिया रवाना हो गए। उन्होंने रवाना होने से पहले कहा कि वह जुलाई के अपने फैसले पर पैदा हुए विवाद को लेकर ‘आहत’ हैं।
उन्होंने सरकार के इन दावों को भी खारिज किया कि वह बीमार हैं। रजिस्ट्रार जनरल सैयद अमीनुल इस्लाम द्वारा हस्ताक्षरित सुप्रीम कोर्ट के बयान में कहा गया, ‘(सिन्हा का) यह लिखित बयान गुमराह करने वाला है।’
इसमें कहा गया, ‘राष्ट्रपति ने उन्हें प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा के खिलाफ 11 स्पष्ट आरोपों के सबूत सौंपे।’ बयान में कहा गया कि इसमें मनी लॉन्ड्रिग, वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार और अनैतिक क्रियाकलाप सहित कुछ गंभीर आरोप शामिल हैं।
ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, ‘मैं न्यायपालिका का संरक्षक हूं, न्यायपालिका के हित में, मैं अस्थायी रूप से जा रहा हूं ताकि उसकी छवि को नुकसान नहीं पहुंचे। मैं वापस आऊंगा।’ सिन्हा ने कानून मंत्री अनीसुल हक के उनकी बीमारी के दावे को भी खारिज किया।