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गैंगरेप: नाम, देश बदला लेकिन नहीं बदली तकदीर...

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बांग्लादेश की राजधानी ढाका में गुरुवार को दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड की यादें ताजा हो गई जब एक चलती बस में एक महिला से सामूहिक बलात्कार किया गया।
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इस घटना के विरोध में सैकड़ों ने लोगों ने प्रदर्शन किया। इस मामले में बस ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार उन्हें शुक्रवार को एक अदालत में पेश किया गया और अभियुक्तों ने अपने ऊपर लगे आरोप कबूल लिए हैं। अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया है।

लेकिन अभियुक्तों की गिरफ्तारी से पहले गुस्साई भीड़ ने उन पर हमला कर दिया।

मीडिया खबरों के अनुसार अभियुक्तों ने बताया कि ढाका के बाहरी इलाके मनिकगंज में उन्होंने कपड़ों की फैक्ट्री में काम करने वाली एक महिला को बहकाकर खाली बस में बिठा लिया और फिर उसका सामूहिक बलात्कार किया।  इसके बाद उन्होंने कथित रूप से महिला को बस से फेंक दिया, जिससे उसे चोटें आईं।

बलात्कार का विरोध

समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में मनिकगंज के सहायक पुलिस अधीक्षक कमरुल इस्लाम ने बताया, “बस ड्राइवर और हेल्पर ने अदालत के सामने बलात्कार करने की बात कबूल ली है।”
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लोगों में इस घटना को लेकर खासा रोष है। हजारों लोगों ने सड़कों पर उतर विरोध जताया। वो अभियुक्तों के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

दर्जनों महिला संगठनों और नागरिक अधिकार समूहों ने प्रदर्शनों का नेतृत्व किया।

अभियुक्तों की उम्र 20 वर्ष से ऊपर बताई जाती है।

पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमने उनकी रिमांड नहीं मांगी है क्योंकि वो अदालत के सामने स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने क्या किया है। ”

पुलिस का कहना है कि अस्पताल में इलाज के बाद पीड़िता को घर भेज दिया गया है।

भारत की राजधानी दिल्ली में पिछले महीने चलती बस में एक 23 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक बलात्कार और बर्बर हिंसा की गई। कई दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद उसने सिंगापुर के अस्तपाल में दम तोड़ दिया।

इस घटना के बाद भारत में न सिर्फ लोगों में व्यापक रोष है बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छिड़ी है।
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