नेपाल के गोरखा जिले में हिमालय की एक चोटी के पास रविवार को हुए हिमस्खलन में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। इसमें आठ फ्रेंच नागरिक शामिल हैं। माउंट मानसलू (8,156 मीटर ऊंची) की बर्फीली चोटी पर लापता चार विदेशी पर्वतारोहियों की तलाश के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले राजधानी से करीब 350 किमी दूर पश्चिम में स्थित बेस कैंप के पास हिमस्खलन उस समय हुआ, जब विभिन्न अभियानों से जुड़े कम से कम 50 लोग वहां मौजूद थे। फ्रेंच पर्वतारोही अपने टेंट में आराम कर रहे थे। बता दें कि मानसलू दुनिया की आठवें नंबर की सबसे ऊंची चोटी है। नेपाल पर्वतारोही एसोसिएशन के अध्यक्ष जिंबा जांगबू शेरपा ने बताया कि आठ फ्रेंच नागरिकों के अलावा एक शेरपा गाइड, जर्मन नागरिक और स्पेन के एक पर्वतारोही का शव बरामद किया गया है।
पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक, हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र से पश्चिमी देशों के 18 पर्वतारोहियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इनमें से गंभीर रूप से घायल आठ लोगों को इलाज के लिए काठमांडू भेजा गया है। अन्य 10 पर्वतारोहियों को मामूली चोट आई है, जिन्हें बेस कैंप में ही प्राथमिक उपचार दिया गया। तीन हेलीकॉप्टर और दर्जनों सुरक्षाकर्मी को तलाशी अभियान में लगाया गया है। नेपाल के हिमालय क्षेत्र में यह दूसरा सबसे बड़ा हादसा है, जिसमें विदेशियों की जान गई। इससे पहले मई में पर्यटक स्थल पोखरा में अचानक आई बाढ़ में कम से कम दो दर्जन विदेशी पर्यटक मारे गए थे।