बीते शुक्रवार की रात बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थित कैफे में हुए हमले में प्रधानमंत्री शेख हसीना के सलाहकार हुसैन तौफीक इमाम ने कहा है कि इस हमले को पाक की खुफिया एजेंसी और वहां के सैनिक जासूसों का समर्थन था।
एनडीटीवी से बात करते हुए इमाम ने कहा कि जिस प्रकार से लोगों को बंधक बनाया गया है और उन बंधको में से एक 19 साल की भारतीय छात्रा तारिषी जैन का होना शक पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस हमले में इस बात की आशंका भी जाहिर की जा रही है कि आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन की भूमिका भी हो सकती है।
इमाम ने यह भी कहा कि आईएसआई और जमात के संबंध छिपे नहीं है। यह सभी जानते हैं। वे लोग देश की मौजूदा सरकार को हटाना चाहते हैं। सभी की हत्या धारदार हथियारों से की गई है।