बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार को एक और ब्लॉगर की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक ब्लॉगर निलॉय नील का शव उनके आवास में स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजे मिला।
पुलिस का कहना है कि निलॉय की उनके घर में ही धारधार हथियार से हत्या की गई है। बांग्लादेश के ब्लॉगरों के मुताबिक निलॉय फेसबुक और ब्लॉग में अपनी धर्मनिरपेक्ष लेखनी के लिए जाने जाते थे।
ब्लॉगरों का कहना है कि वो अपने लेखों के जरिए इस्लामी परंपराओं पर सवाल उठा रहे थे। पुलिस ने निलॉय नील की हत्या की तो पुष्टि की है लेकिन अभी एक ब्लॉगर के रूप में उनकी पहचान के बारे में कुछ नहीं कहा है। पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में चार ब्लॉगरों की हत्या की जा चुकी है। निलॉय के दोस्तों ने उनके फेसबुक पर लिखा है, "तुम भुलाए नहीं जाओगे।"
निलॉय चौधरी गानाजागरण मंच से जुड़े हुए एक्विविस्ट थे। वह उन लोगों के खिलाफ फांसी की मांग कर रहे थे जो वर्ष 1971 के बांग्लादेश में युद्ध अपराध के दोषी थे।
पुलिस अधिकारी मुस्तफिजुर रहमान ने बीडी न्यूज डॉट कॉम को बताया कि नीलॉय चौधरी को गोरहन स्थित उनके फ्लैट में धारदार हथियारों से बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। रहमान ने बताया कि पांच लोगों ने घर में घुसकर उनकी हत्या की है।