अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों पर बढ़ रहे हमलों के बीच अब न्यूजीलैंड में एक भारतीय पर नस्ली हमला हुआ है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय से अपशब्द कहे गए और उसे अपने देश लौट जाने को कहा गया। पीड़ित नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह घटना सप्ताहांत की है। वह अपनी गाड़ी के अंदर से वीडियो शूट कर रहे थे।
फेसबुक पर लाइव दिखाए गए वीडियो में नरेंद्र कह रहे थे कि ‘मैंने उन्हें पास दिया तो कार में बैठी महिला ने मुझे अंगुली से अभद्र इशारा किया। वे उस कार (सफेद होल्डेन की ओर इशारा करते हुए बताया) को चला रहे हैं। अब वह मुझे धमका रहे हैं। मुझे उल्टे-सीधे नामों से पुकारा जा रहा है।’
जब नरेंद्र ने उन्हें कहा कि वह इस वीडियो को लाइव अपलोड करने जा रहे हैं तो स्थिति बिगड़ गई।
उन्होंने न सिर्फ गाली-गलौच की बल्कि अपने देश लौट जाने को भी कहा। वीडियो में दिख रहे हमलावर ने ग्रे रंग की टी-शर्ट पहन रखी थी। ‘न्यूजहब’ ने नरेंद्र के हवाले से बताया है कि हमलावरों ने जानबूझकर पंजाबियों के बारे में अपशब्द कहे। नरेंद्र के मुताबिक, ‘मैं इस वाकये से स्तब्ध हूं। उनके चले जाने के बाद भी मैं कांप रहा था। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। इससे मुझे काफी दुख पहुंचा है। मेरे दिमाग में सबसे पहली चीज यह आई कि वे मुझे हथियार से नुकसान पहुंचा सकते हैं।’
'ट्रंप की वजह से बढ़ी हैं असहिष्णुता'
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आगे चले जाने के बाद नरेंद्र को लगा कि यह खत्म हो गया है लेकिन जब वह एक जगह सड़क पर अपनी गाड़ी पार्क कर रहे थे, तो वह गाड़ी फिर वहां आ गई और उसमें बैठे सवारों ने नस्ली टिप्पणियां कीं। इसमें ‘एन’ शब्द का भी कई बार इस्तेमाल किया गया।
गत सप्ताह भी बिक्रमजीत सिंह नाम के व्यक्ति को ऐसे अपशब्द कहे गए थे। उनके साथ यह घटना तब हुई जब वह एक गाड़ी को ओवरटेक करके आगे निकले। इससे दूसरी गाड़ी के सवार भड़क गए और उन पर चिल्लाने लगे। वे कह रहे थे, ‘अपने देश चले जाओ। गाड़ी धीरे चलाओ। तुम्हें नहीं पता, यहां कितनी रफ्तार से गाड़ी चलाई जाती है।’ बिक्रमजीत ने कहा कि उन्हें रफ्तार की लिमिट के बारे में पता है। वह न्यूजीलैंड के नागरिक हैं और एक दशक से ज्यादा समय से यहां रह रहे हैं।
हालांकि बाद में उनसे अपशब्द कहने वाले व्यक्ति ने ई-मेल के जरिए माफी मांग ली थी। हालांकि प्रवासियों के लिए काम करने वालों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं नहीं बढ़नी चाहिए। प्रवासी कामगार एसोसिएशन के अनु कलोटी के मुताबिक, ‘हम ऐसे मामले बढ़ते देख रहे हैं, यह चिंता का कारण है। जब से अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में आए हैं समाज में असहिष्णुता बढ़ गई है।’ बहरहाल, दोनों मामलों में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।