जापान में मंगलवार को प्रकृति की दोतरफा मार पड़ी। यहां एक तरफ तो बर्फ पर होने वाले खेलों के लिए प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट के नजदीक
ज्वालामुखी फट गया, जिसके चलते यहां हिमस्खलन आने के कारण एक की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है। दूसरी तरफ, राजधानी टोक्यो में बर्फ की मोटी चादर बिछने से जनजीवन चरमरा गया। यातायात गड़बड़ा गया है, सभी उड़ानें रद कर दी गई हैं और पटरियों पर बर्फ की परत छा जाने के कारण रेल संचालन भी रोकना पड़ा है।
टोक्यो के कुछ हिस्सों में 2014 के बाद अब तक की सबसे बड़ी 23 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है जिसके चलते करीब 180 लोगों को बर्फ जमी हुई सड़क पर चोटें आई हैं। सार्वजनिक यातायात चरमराने से यहां करीब 700 हादसे दर्ज हुए हैं। यहां पेड़, सड़क और मकान सभी पर सफेद बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि लोग बर्फबारी और जाम के चलते अपने घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। टोक्यो के उत्तर-पश्चिम में गुनमा के माउंट कुसात्सु-शिराने में मंगलवार की सुबह ज्वालामुखी विस्फोट भी हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में हिमस्खलन होने लगा।
यह हिमस्खलन कुसात्सु-माची इंटरनेशनल स्की रिसॉर्ट में हुआ। ज्वालामुखी फटने के बाद हिमस्खलन की घटना में जापान के सुरक्षा बल का एक सदस्य मारा गया और करीब 12 लोग घायल हुए हैं। जबकि जापानी सुरक्षा बल के पांच सदस्यों को इस हिम स्खलन में बचा लिया गया है। यह पांचों लोग यहां सुरक्षा प्रशिक्षण ले रहे थे। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) ने कहा कि शुरू में ज्वालामुखी के दक्षिण की ओर से धुआं उठता देखा गया था और उच्च तीव्रता वाले भूकंप के झटके भी दर्ज हुए। इसके बाद ज्वालामुखी के आसपास के पहाड़ों से चट्टानें गिरने लगीं।