इस सदी की सबसे चर्चित शिखर वार्ता के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग-उन मंगलवार को सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप में पहली बार मिलेंगे। एक-दूसरे को नेस्तनाबूद करने की कसमें खाने वाले कट्टर दुश्मन देशों के ये शीर्ष नेता जब मिलेंगे तो उस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी होंगी क्योंकि इन दोनों नेताओं की हरकतों से न सिर्फ अमेरिका और उत्तर कोरिया बल्कि पूरे विश्व की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा था।
किम तीन पीढ़ियों में उत्तर कोरिया के पहले नेता होंगे जो किसी अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। इसी तरह ट्रंप पद पर रहते हुए किसी उत्तर कोरियाई शीर्ष नेता से मिलने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति होंगे।
अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजामों के बीच होने जा रहे इस बहुचर्चित शिखर सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को दोनों देशों के अधिकारियों ने मुलाकात की। दोनों पक्षों ने शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत के एजेंडो को लेकर मतभेदों को दूर करने की कोशिश की।
इस बीच, ट्रंप ने सोमवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग से मुलाकात की और उम्मीद जताई कि किम के साथ इस ‘अत्यंत दिलचस्प’ वार्ता के अच्छे नतीजे सामने आएंगे। लूंग के साथ इस्ताना पैलेस में लंच के बाद ट्रंप ने शानदार मेहमाननवाजी के लिए उनका शुक्रिया अदा किया। बता दें कि किम ने रविवार को ही लूंग से मुलाकात की थी।
ये है वार्ता का एजेंडा
अमेरिका चाहता है कि उत्तर कोरिया अपने मिसाइल एवं परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से रोक दे, जबकि किम ने कहा है कि वह ट्रंप के साथ पूर्ण शांति स्थापित करने के तरीकों पर बातचीत करना चाहेंगे। इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच शांति समझौते को अंतिम रूप देने पर भी बातचीत हो सकती है। 1952 में दोनों कोरिया के बीच युद्ध विराम हुआ था लेकिन शांति समझौता नहीं हो पाया था।