लगभग 50 साल पहले दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान का मलबा और मानव अवशेष फ्रांस में मिलने की जानकारी प्राप्त हुई है। फ्रांस की आल्प्स पहाड़ियों के बीच स्थित मोंट ब्लैंक पर पिछले दिनों पाए गए मानव अवशेष 1966 में एयर इंडिया विमान हादसे में मारे गए लोगों के होने की आशंका व्यक्त की गई है।
विमान हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के अवशेषों की बासोन ग्लेशियर में कई वर्षों से तालाश करने वाले डेनियर रोशे को बृहस्पतिवार को शवों के अवशेष मिले। रोशे ने बताया कि मुझे इससे पहले कभी इतने अहम मानव अवशेष नहीं मिले। इस बार उन्हें एक हाथ और एक पैर का ऊपरी हिस्सा मिला है। गौरतलब है कि जनवरी 1966 में मुंबई से न्यूयॉर्क जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 707 मोंट ब्लैंक के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार सभी 117 लोग मारे गए थे।
इससे पहले वर्ष 1950 में भी इसी इलाके में एयर इंडिया के एक अन्य विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 48 लोगों की मौत हो गई थी। रोशे ने कहा कि जो अवशेष मिले हैं वे 1966 में दुर्घटना का शिकार हुई बोइंग 707 उड़ान की किसी महिला यात्री के प्रतीत होते हैं, क्योंकि उन्हें उस विमान के चार जेट इंजनों में से एक इंजन भी मिला है।
2013 में मिला था मेटल बॉक्स
फ्रांस के एक पर्वतारोही को मोंट ब्लैंक पर्वत पर 2013 में हीरे-जवाहरातों से भरा एक मेटल बॉक्स मिला था। ऐसा माना जाता है कि यह मेटल बॉक्स एयर इंडिया के उसी विमान का था, जो 1966 में यहां दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। बहुमूल्य आभूषणों से भरे इस मेटल बॉक्स की कीमत लगभग 332,000 डॉलर आंकी गई थी। भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और भारत के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा की मौत भी एयर इंडिया की इसी विमान दुर्घटना में हुई थी।
पायलट की लापरवाही से हुई थी दुर्घटना
दुर्घटना की जांच में गठित आयोग ने पाया था कि विमान के पायलट की गलती की वजह से यह दुर्घटना हुई थी। जहाज के पायलट को लगा था कि वह मोंट ब्लैंक पर्वत को पार कर चुका है। इसी गलतफहमी में उसने जहाज की ऊंचाई कम कर दी थी और इस पर्वत से टकराकर विमान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। पायलट समेत सभी यात्रियों की इसमें मौत हो गई थी।