अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ शहर में जर्मनी के वाणिज्य दूतावास पर हुए तालिबान के आत्मघाती हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। यह हमला बृहस्पतिवार देर रात हुआ। इस बड़े आतंकी हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। तालिबान ने दावा किया है कि हमले से सड़क पर बड़ा गड्ढा हो गया और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा।
आतंकी संगठन ने कहा है कि उसने इसी महीने अशांत कुंदूज प्रांत में हुए अमेरिका के हवाई हमलों का बदला दिया है। इस हमले में 32 नागरिकों की मौत हो गई थी। धमाके के बाद गोलीबारी की आवाज भी सुनाई दी। आसपास की दुकानों और घरों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। स्थानीय पुलिस प्रमुख सईद कमाल ने बताया, ‘आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी कार जर्मन कांसुलेट की दीवार से टकरा दी।’
उधर, बर्लिन में विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि सभी जर्मन स्टाफ सुरक्षित हैं। मरने वाले सात अफगान नागरिकों में दो बाइक पर सवार भी शामिल हैं, जो जर्मन सुरक्षाकर्मियों की रुकने की चेतावनी को अनसुना करने के बाद उनकी गोली का निशाना बने। इस बीच, जर्मन मिशन के पास से शुक्रवार सुबह एक संदिग्ध को भी हिरासत में लिया गया है। सिटी हास्पिटल के डॉ. नूर मोहम्मद फयाज ने बताया कि छह शव लाए गए हैं जिनमें दो की मौत गोली लगने से हुई है।