संयुक्त अरब अमीरात लीबिया को अस्थिरता की ओर ले जा रहा है, ऐसा आरोप लगाया है युनाईटेड नेशंस ने। यूएन ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात लीबिया के उन गुटों को हथियार बेच रहा है, जिनका देश के बड़े दक्षिणी हिस्से पर कब्जा है और वो यूएन की देख-रेख में बनाई गई सरकार को नहीं मानते। ऐसा करके यूएई संयुक्त राष्ट्र के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहा है और लीबिया को फिर से अस्थिर कर आंतरिक युद्ध की तरफ ढकेल रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक हफ्तार की लीबियन नेशनल आर्मी (एलएनए) का अब दक्षिण लीबिया के सभी बड़े शहरों और सैन्य ठिकानों पर कब्जा है। लीबियन नेशनल आर्मी लीबिया में संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार को मानने से इनकार करती है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त अरब अमीरात लीबिया के दक्षिणी हिस्सों पर कब्जा कर चुके एलएनए को सीधा समर्थन और सैन्य मदद मुहैया करा रहा है। जिससे एलएनए की हवाई ताकत में बहुत बढ़ोतरी हुई है।’ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) लीबिया में शक्तिशाली खलीफा हफ्तार के नेतृत्व वाले समूह को युद्धक हेलीकॉप्टर और अन्य सैन्य विमानों की आपूर्ति करता है जो संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का उल्लंघन है।
रिपोर्ट के मुताबिक यूएई की तरफ से अप्रैल 2015 में लीबियाई नेशनल आर्मी को एमआई-24पी हेलीकॉप्टर भी दिए गए। पैनल ने कहा कि यूएई ने कम से कम एक एटी-802आई एयरक्राफ्ट भी एलएनए को दिया है। इतना ही नहीं, अप्रैल 2016 में भी संयुक्त अरब अमीरात की कंपनियों ने एलएनए को बंख्तरबंद वाहनों की आपूर्ति की थी। इस रिपोर्ट को पिछले माह ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजा गया है।