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बेटे को भूखा मारने वाली मां हत्या की दोषी

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अपने चार साल के बेटे को भूख से मारने और शव को दो साल तक पलंग पर छोड़ने वाली महिला को ब्रिटेन की एक अदालत ने बेटे की हत्या का दोषी माना है।
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चार साल के बेटे का नाम हमज़ा ख़ान था। गंभीर कुपोषण से ब्रेडफ़र्ड स्थित घर में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सितंबर 2011 में घर से ही शव के अवशेष ज़ब्त किए थे।

43 वर्षीय अमांडा हटन इस बच्चे की मां हैं। जिसे ब्रेडफ़र्ड क्राउन कोर्ट ने ज़बरदस्त लापरवाही के कारण हत्या का दोषी क़रार दिया।

हटन को हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें शुक्रवार को सज़ा सुनाई जाएगी।

बेटे को न के बराबर खाना

जूरी को सुनवाई में पता चला कि हमज़ा को न के बराबर खाना दिया जाता था, जिससे वह आस्टियोपोरोसिस का शिकार हो गया। छह से नौ महीने तक बुरे हाल में रहने के बाद उसकी मौत हो गई।
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अदालत ने सज़ा देने से पहले पांच घंटे तक विचार-विमर्श किया। बाद में हटन को घोर लापरवाही का दोषी माना, क्योंकि उसकी निगाह में वह हमज़ा को पर्याप्त पोषण नहीं देती थी।
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भयावह स्थिति में मिला शव

दो सप्ताह तक चले ट्रायल में ये भी पता चला कि हमज़ा का शव शहर के व्हीटन इलाक़े में भयावह स्थिति में पाया गया, इसी घर में स्कूल जाने की उम्र वाले पांच और भाई-बहन रहते थे।

हटन ने वर्ष 2011 में पांच से 11 साल की उम्र वाले इन बच्चों के साथ भी बाल क्रूरता के आरोप स्वीकार किए।

हटन ने बड़े बेटे 24 साल के तारिक़ के साथ मिलकर शव को नहीं दफ़नाने के आरोप भी माने। इस मामले में तारिक़ को भी सज़ा सुनाई जाएगी।

ख़ुद नशे में डूबी रहती थी

अभियोजन पक्ष का कहना है कि हमज़ा कुपोषण से इसलिए मरा क्योंकि हटन उस पर बिल्कुल ध्यान नहीं देती थी और शराब के नशे में डूबी रहती थी।

अदालत ने कहा कि हटन ने भूखा रखकर अपने बेटे को मार दिया।

हटन की दलील थी कि वह तो बेटे को खाना देती थी लेकिन वह खाता ही नहीं था और अचानक उसकी मौत हो गई थी।

दो साल तक पलंग पर पड़ा रहा शव

जब पुलिस ने हमज़ा के शव को हटन के बेडरूम में पाया तो उसका शव बहुत ही बुरी हालत में पाया गया था।

सुनवाई के दौरान पता लगा कि शव पलंग पर क़रीब दो साल तक पड़ा रहा। इसका पता भी तब चला जब पुलिस ने 21 सितंबर 2011 को मकान की तलाशी ली।

हमज़ा की मौत दिसंबर 2009 में हो गई थी।

उन्होंने कहा कि जब ब्रेडफ़र्ड के इस मकान में हमज़ा के शव को तलाशा गया तो मकान के अंदर जैसा बुरा हाल हो रहा था, वो भी उन्होंने कभी कहीं नहीं देखा।
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