कनाडा के क्यूबेक प्रांत की सरकार अमेरिका की राह पर चलने जा रही है। प्रांतीय विधान सभा ने आप्रवासियों और शरणार्थियों की संख्या कम करने वाले बिल को मंजूरी दी है। यहां जिस विवादास्पद आव्रजन बिल को मंजूरी मिली है, वह कौशलयुक्त आप्रवासी आवेदकों के लिए पहले आओ, पहले पाओ की नीति की जगह लेगा।
यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति की उस प्रस्तावित योजना की तरह है जो अपने देश की वीजा प्रणाली को परिवार आधारित आप्रवासन से और अधिक कुशल श्रमिकों में बदल देगा। आव्रजन मंत्री साइमन जोलिन-बैरेट ने ट्वीट कर कहा कि बिल के पक्ष में 62 में से 42 वोट पड़े हैं।
भारतीय भी होंगे प्रभावित
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के कड़े रुख को देखते हुए भारतीयों समेत दुनिया के लोगों की पहली पसंद कनाडा बनता जा रहा है जहां बसना अब कठिन होगा। यहां लोग काम व स्थायी आवास के मौके देख रहे हैं। सिर्फ 2018 में ही 39,600 से अधिक भारतीयों ने एक्सप्रेस एंट्री रूट के जरिए कनाडा में स्थायी निवास प्राप्त किया। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में 26,300 भारतीयों को स्थायी निवास प्रदान किया गया था।