पाकिस्तान की एक अदालत ने नौ महीने के एक बच्चे को हत्या के प्रयास के आरोप से मुक्त कर दिया है। इस बच्चे पर परिवार के 12 अन्य सदस्यों के साथ ये आरोप लगाया गया था।
नौ महीने के बच्चे मोहम्मद मूसा खान को हत्या की साजिश रचने, पुलिस को धमकाने और सरकारी काम में हस्तक्षेप करने के आरोप में शनिवार को दूसरी बार लाहौर की एक अदालत में पेश किया गया।
लेकिन जज ने कहा कि इस मामले को अदालत में लाया ही नहीं जाना चाहिए था। इससे पहले पुलिस प्रमुख ने कहा कि उन्होंने मामले जांच कर रहे अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।
छोटी सी उम्र के बावजूद मूसा खान को उन 30 लोगों में शामिल किया गया जिन पर लाहौर में बिजली और गैस आपूर्ति को लेकर हो रहे प्रदर्शन के दौरान हुए टकराव के समय एक पुलिस अधिकारी की हत्या करने के आरोप लगे हैं।
सुर्खियों में मूसा खान
जब इस बच्चे को पहली बार अदालत में पेश किया गया तो पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर उसकी तस्वीरें प्रसारित की गईं जिसमें वो अपने पिता की गोद में बैठा बोतल से दूध पी रहा है।
उसकी दादी को पत्रकारों से ये पूछते हुए दिखाया गया, “वो अपनी दूध की बोतल तक उठाना नहीं जानता है। तो वो कैसे पुलिस पर पथराव कर सकता है?”
बीबीसी संवाददाता माइक वुल्ड्रिज ने बताया कि शनिवार को अदालत में पेशी के दौरान मूसा खान शांत था जबकि पहली पेशी के दौरान जब उसका अंगूठा लगाया गया तो वो रो रहा था।
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक मूसा खान पाकिस्तान के बाहर भी सुर्खियों में आ गया है। मूसा खान को आरोपों से मुक्ति मिल गई है जबकि अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा।