संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बृहस्पतिवार को बताया कि पूर्वी कॉन्गो में विद्रोही मिलिशिया के खिलाफ एक अभियान में संयुक्त राष्ट्र के आठ शांतिरक्षकों की मौत हो गई। परिषद ने बताया कि तंजानिया के एक और मलावी के सात शांतिरक्षकों की हत्या कर दी गई।
इन मौतों को एक साल पहले विद्रोहियों द्वारा 15 सैनिकों की हत्या किए जाने के बाद से कॉन्गो में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा बल को हुए सबसे बड़े नुकसान के तौर पर देखा जा रहा है। मोनुस्को शांतिरक्षक बल के उप प्रमुख जनरल बर्नार्ड कॉमिन्स ने बृहस्पतिवार को बताया कि कॉन्गो के सैनिकों के साथ मंगलवार को जिहादी समूह अलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एडीएफ) के खिलाफ एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया था।
सुरक्षा परिषद ने अपने बयान में 'रेखांकित किया कि शांतिरक्षकों को लक्ष्य बनाकर किए गए हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराधों की श्रेणी में रखा जा सकता है।' अक्टूबर 2014 से इस समूह के लड़ाकों ने बेनी क्षेत्र के अब तक 1500 से अधिक लोगों की हत्या की है।
बेनी में बीते वर्ष 7 दिसंबर को हुए हमले में 15 तंजानिया शांतिकर्मी मारे गए और 43 अन्य घायल हो गए थे जिसके लिएसंयुक्त राष्ट्र जांचकर्ताओं ने सहयोगी डेमोक्रेटिक फोर्स को लगभग 25 वर्षों में कांगो में शांति नियंत्रण मिशन पर सबसे घातक एकल हमले के लिए दोषी ठहराया।