दक्षिणी चीन के शहर चांग्शा के बाहरी इलाके में एक नई इमारत बन कर तैयार हुई है। चीन में बनी इमारतों के हिसाब से देखें तो इसकी ऊंचाई बहुत कम है। यह सिर्फ 204 मीटर ऊंची इमारत है जो शंघाई की सबसे ऊंची इमारत की एक तिहाई ऊंचाई से भी कम है।
इसकी बनावट ऐसी है कि शायद ही कोई आर्किटेक्चर से जुड़ा अवॉर्ड जीत पाए लेकिन चौंकाने वाली बात है इस इमारत के बनने की गति। केवल 19 दिनों में इस इमारत की 57 मंजिल तैयार की गई हैं। इसके निर्माण के वीडियो से पता चलता है कि केवल एक दिन में ही इसकी तीन मंजिल तैयार कर ली जाती थी। इस इमारत को बनाया है ज़ैंग उइ ने। उनका मानना है कि यह तो अभी सिर्फ एक शुरुआत भर है। उनकी निर्माण कंपनी का नाम है ब्रॉड ग्रुप। उनकी कंपनी के हैंडबुक में कहा गया है, "इंसान ने उद्योग, कृषि, यातायात और सूचना के क्षेत्र में क्रांति देखी है लेकिन अभी तक इमारत बनाने के क्षेत्र में नहीं।"
ज़ैंग जोर देकर कहते हैं कि यह मॉड्यूलर क्रांति होगी। मिनी स्काई सिटी नाम की इस इमारत को हज़ारों फैक्ट्री-निर्मित मॉड्यूल्स को खांचेनुमा ढांचे में एक साथ सजाकर तैयार किया गया है। ज़ैंग का कहना है कि इस तरकीब से ना ही सिर्फ तेज़ गति से इमारत का निर्माण संभव है बल्कि यह तरकीब सुरक्षित और सस्ती भी है। अब वे चाहते हैं कि 'मिनी' की बजाए इस तरकीब की मदद से आसमान से बात करती दुनिया की सबसे ऊंची इमारत 'स्काई सिटी' बनाए।
सबसे ऊंची इमारत
अभी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का रिकॉर्ड दुबई की 'बुर्ज खलीफ़ा' के नाम है जो 828 मीटर ऊंची है। इसे बनाने में पांच साल का वक्त लगा था। लेकिन ज़ैंग का कहना है कि उनकी प्रस्तावित 220 मंज़िला 'वर्टिकल सिटी' बनाने में सिर्फ सात महीने लगेंगे। चार महीने इसके आधार को खड़ा करने में और तीन महीने इसकी टावर बनाने में।
और यह बुर्ज खलीफा से 10 मीटर ज्यादा ऊंची होगी। लेकिन सिर्फ यही काफी नहीं है। ज़ैंग की भविष्य को लेकर योजना है कि उनकी कंपनी दुनिया की एक तिहाई इमारतों का निर्माण करे। और वे सभी मॉड्यूलर और स्टील की मदद से बनी हो और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली ना हो। वो कहते हैं, "आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी समस्या आतंकवाद या विश्व युद्ध नहीं है बल्कि जलवायु परिवर्तन है।" 17 फ़रवरी 2015 को मिनी स्काई सिटी की छत बनकर तैयार हुई तो इसने कई लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। यूट्यूब पर उपलब्ध इसके वीडियो को अभी तक तीस लाख लोगों ने देखा है।
दुनिया भर के अख़बारों में सुर्खियां बनीं, 19 अहाते, 4000 लोगों के लिए ऑफिस की जगह और 800 अपार्टमेंट और हां! यह सब सिर्फ 19 दिनों में।
सुरक्षा का सवाल
कुछ लोगों को लगता है कि निर्माण की इस तेज़ प्रक्रिया ने एक सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इतनी तेज़ी से बनाया गया निर्माण कार्य सुरक्षित हो सकता है? इस पर ज़ैंग का कहना है कि सुरक्षा एक ऐसा सवाल है जिसकी वजह से मैं सात साल पहले इमारत बनाने के काम में कदम रखा। मई 2008 में में जब चीन बीजिंग ओलंपिक की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार था तो उसी वक्त सिचुआन प्रांत में आए एक जबरदस्त भूकंप ने 90,000 लोगों की जान ले ली और करीब पचास लाख लोग बेघर हो गए।
चीनी लोग इस बात को लेकर स्तब्ध थे कि कितनी आसानी से हज़ारों इमारतें पलक झपकते ध्वस्त हो गईं। ज़ैंग कहते हैं, "हर कोई चीन में उस वक्त ये बात कर रहा था कि सुरक्षित इमारत कैसे बनाई जाए।" उस वक्त तक ज़ैंग एयर कंडिशन के अपने व्यवसाय से काफी दौलत कमा चुके थे। इससे उन्हें इमारत निर्माण के व्यवसाय के बारे में सोचने में मदद मिली और इस सिलसिले में वो जर्मनी, जापान और अमरीका के इंजीनियरों से मिले।
स्टील का निर्माण
उन सभी ने एक ही बात कही कि स्टील का निर्माण सबसे मज़बूत होता है और भूकंप के वक्त वो टूटता भी नहीं है, मुड़ जाता है। लेकिन इसमें सबसे बड़ी समस्या थी स्टील की महंगी क़ीमत। इसलिए ज़ैंग ने स्टील के सस्ते स्वरूप को बनाने की दिशा में काम करना शुरू किया। उन्होंने ब्रॉड सस्टेनेबल बिल्डिंग नाम की नई कंपनी शुरू की।
2010 में उन्होंने पहली बार शंघाई एक्सपो में छह मंज़िला इमारत का प्रारूप एक दिन में बनाकर दिखाया। तब से लेकर उन्होंने 30 से ज्यादा इमारतें बनाई हैं जिसमें छह दिनों में 15 मंजिला एक होटल, 15 दिनों में 30 मंजिला होटल और हाल ही में बन कर तैयार हुआ मिनी स्काई सिटी भी शामिल है। ये सारी इमारतें इसी मॉड्यूलर तरकीब से बनाई गईं।