गोताखोरों को जहाज के मलबे में काली मिर्च, कांसे के बनी तोपें और बेशकीमती कौड़ियां भी मिली हैं। इन कौड़ियों का प्रयोग उस समय अफ्रीका के कुछ हिस्सों में गुलामों (दास) की खरीद-फरोख्त के लिए मुद्रा के रूप में किया जाता था। पुर्तगाल प्रशासन ने बताया कि यह मलबा पिछले महीने देश के अटलांटिक तट पर मिला था। शुरुआती खुदाई में चीनी मिट्टी और सेरेमिक के बर्तन भी मिले हैं जिन्हें 16वीं और 17वी सदी में चीन के वानली साम्राज्य से जुड़ा माना जा रहा है। इससे पता चलता है कि उस वक्त चीन, भारत और पुर्तगाल के बीच व्यापार चला करता था।
पुर्तगाल की सरकार इस खोज को काफी गंभीरता के साथ ले रही है। जहाज के मलबे में मिले अवशेषों की जांच अब पुर्तगाल सरकार के निदेशालय-जनरल द्वारा की जाएगी। यह जांच भारत-पुर्तगाल के बीच सांस्कृतिक विरासत को खोजेगी। काशकाइश शहर के मेयर ने कहा कि यह एक असाधारण खोज है जो बताती है कि भारत के साथ हमारे शहर के कितने मजबूत रिश्ते रह चुके हैं।