ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने बताया है कि सीरिया में मारे गए इसलामिक स्टेट के दो ब्रितानी जिहादी ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स के ड्रोन हमले में मारे गए हैं।
डेविड कैमरन ने सांसदों को बताया कि पिछले महीने रक्का में पहली बार ब्रिटेन ने ब्रितानी नागरिकों को ड्रोन हमले का निशाना बनाया। इसमें 21 वर्षीय रियाद खान और एबरडीन के रुहुल अमीन मारे गए।
रियाद खान ब्रिटेन में एक भयानक हमला करने का षड्यंत्र बना रहा था।रधानमंत्री ने कहा कि हालांकि सीरिया में सैन्य कार्रवाई पर सांसद राजी नहीं थे लेकिन 'आत्मरक्षा के लिए की गई ये कार्रवाई' पूरी तरह से कानूनी थी।
हमले की थी साजिश
21 अगस्त को कुशल योजना के तहत खान को रिमोट चालित एयक्राफ्ट से निशाना
बनाया गया और जब वह एक वाहन में था तो उसे मार दिया गया।
24 अगस्त को दूसरे
ब्रितानी नागरिक, बर्मिंघम के 21 वर्षीय जुनैद हुसैन को रक्का में अमरीकी
बलों के एक दूसरे हमले में मारा गया।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, खान और हुसैन
दोनों ही आईएस के हमदर्दों की भर्ती करने में सक्रिय थे और इसी साल
ब्रिटेन में होने वाले बडे सार्वजनिक महोत्सवों पर हमला करने की साजिश कर
रहे थे।
तत्काल करेगा कार्रवाई
दो साल पहले ब्रितानी सांसदों ने सीरिया में ब्रिटेन की सैन्य
कार्रवाई की संभावना को खारिज कर दिया था।लेकिन पिछले सितंबर में उन्होंने
इराक में आईएस ठिकानों पर हवाई हमलों में ब्रिटेन की भागीदारी को मंजूरी दे
दी थी।
बहरहाल, अधिकारियों ने कहा है कि अगर गंभीर राष्ट्र हित दांव पर लगा
हो तो ब्रिटेन सीरिया में पहले तत्काल कार्रवाई करेगा और बाद में संसद को
इसका ब्योरा देगा।
प्रधानमंत्री कैमरन ने इस बात की पुष्टि की कि आधुनिक दौर
में ऐसा पहली बार हुआ है एक ऐसे देश में जहां ब्रिटेन युद्ध में शामिल
नहीं है, वहां हमला करने के लिए ब्रितानी एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया गया।