म्यांमार के दूरस्थ उत्तरी शान राज्य में सेना और सजातीय सशस्त्र समूह के बीच संघर्ष में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है। सूत्रों ने बताया कि देश की सीमा पर संघर्ष और तेज हो गया है। सेना और स्थानीय सूत्रों ने कहा कि हाल ही के वर्षों में सीमावर्ती इलाकों में संघर्ष और घातक होता जा रहा है। मौजूदा लड़ाई में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बताया कि चीन की सीमा से सटे उत्तरी म्यांमार में जनवरी माह से संघर्ष में काफी तेजी आ गई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान देश के पश्चिमी हिस्से में उपजे रोहिंग्या संकट पर केंद्रित है। शनिवार की हिंसा सेना और ताअंग नेशनल लिबरेशन आर्मी (टीएनएलए) के बीच हुई जो उत्तर में अपनी आजादी के लिए लड़ रहे हैं।
टीएनएलए प्रवक्ता मेजर क्या ने बताया कि सुबर पांच बजे से ही तीन जगहों पर झड़पें शुरू हो गई थीं। एक स्थानीय गैर सरकारी संगठन के नेता थांग टुन ने घायलों को अस्पताल ले जाने में मदद की। मृतकों में एक पुलिस अधिकारी, एक विद्रोही लड़ाका और सरकार समर्थित सेना के चार सदस्यों के साथ दो महिलाएं भी शामिल हैं। स्थानीय संगठनों के मुताबिक यहां बड़ी संख्या में लोग प्रभावित इलाकों में फंसे हुए हैं।
हजारों लोग पलायन को हुए मजबूर
म्यांमार में देश की सेना और सजातीय विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष के चलते हजारों लोग वहां से पलायन करने को मजबूर हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों के प्रमुख मार्क कट्स ने हाल ही में कहा था कि म्यांमार के उत्तरी राज्य कचीन से 4000 से ज्यादा लोग चीन की तरफ पलायन कर गए हैं।
हालांकि विस्थापितों की अधिकृत संख्या की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन आशंका है कि इस साल करीब 15,000 लोग यहां से विस्थापित हो चुके हैं। यहां 2011 में कचीन स्वतंत्र सेना और सरकार के बीच संघर्ष के बाद आईडीपी कैंपों में करीब 90,000 लोग शर्णार्थी के रूप में रह रहे हैं।