म्यांमार के उत्तरी शान प्रांत में सेना और जातीय सशस्त्र समूहों के बीच पिछले तीन महीने के संघर्ष के दौरान कम से कम 160 लोगों की मौत हो चुकी है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि नवंबर में चीन से लगती सीमा पर शुरू हुई हिंसा के कारण 20 हजार से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। पहली बार सेना की ओर से जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा सामने रखते हुए चीफ ऑफ जनरल स्टाफ ने कहा कि हिंसा में 74 सैनिक, 15 पुलिसकर्मी, 13 सरकारी मिलीशिया लड़ाके और 13 आम नागरिकों की भी मौत हो गई।
जनरल म्या तुन ओ ने कहा कि अंतिम संस्कार की तस्वीरों के आधार पर कहा जा सकता है कि सैकड़ों की संख्या में विद्रोही भी मारे गए हैं। यह खबर ऐसे समय आई है जब म्यांमार सरकार दूसरे दौर की शांति वार्ता की तैयारी कर रही है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में दशकों से जारी संघर्ष रोका जा सके। इससे पहले आठ सशस्त्र जातीय समूहों ने कहा था कि वे सरकार समर्थित संघर्षविराम समझौते पर सहमत नहीं होंगे।