पेरू में पुरातत्ववेत्ताओं को एक राजकीय कब्रगाह मिली है जिसमें लगभग 1200 साल पहले परिरक्षित या ममीफ़ाई किए गए महिलाओं के कंकाल और खज़ाना रखा है।
राजधानी लीमा के उत्तर में इस खोज से वारी साम्राज्य के बारे में नई जानकारी मिल सकती है जिसका ज़्यादा मशहूर इंका सभ्यता से पहले एंडीज़ पर शासन था।
इस कब्रगाह में 60 से ज़्यादा कंकाल मिले हैं जिनमें सोने और चांदी के गहनों और रंगीन मिट्टी के बर्तनों के साथ दफनाई गई तीन वारी रानियों के कंकाल भी शामिल हैं।
शाही कब्रगाह
कई परिरक्षित कंकाल बैठी हुई मुद्रा में थे जो शाही लोगों का द्योतक है।
पुरातत्ववेत्ताओं का कहना है कि ये कब्रगाह लीमा के उत्तर में लगभग 280 किलोमीटर दूर एल कास्टीलो डे हुआरमे में मिली है।
परियोजना के सह-निदेशक मिलोज़ गिएर्ज़ ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया, "पेरू के पुरातत्व इतिहास में हमें पहली बार वारी संस्कृति की शाही कब्रगाह मिली है। कब्रगाह के कोष्ठ में 63 मानव कंकाल मिले हैं जिनमें से अधिकतर महिलाएं हैं। उन सबको बैठने की मुद्रा में दफनाया गया है जो वारी संस्कृति का पैटर्न है।"
फोरेंसिक पुरातत्वविद विएस्लॉ विएकोवस्की कहते हैं कि बाकी कंकालों को जिस तरह से रखा गया था वो मानव बलि की ओर इशारा करता है।
मानव बलि के संकेत
उन्होंने कहा, "कब्र में मिले छह कंकालों पर कपड़े नहीं थे। वो बाकी कंकालों के ऊपर बड़े अजीबो-ग़रीब तरीके से रखे गए थे। इसलिए हमें लगता है कि उन लोगों की बलि दी गई थी।"
विएकोवस्की ने आगे बताया, "कब्र में मिले कंकालों में से छह कंकाल महिलाओं के थे और इसमें बहुत खजाना था। इसका हमने ये अर्थ लगाया है कि ये शाही वर्ग या कुलीन वर्ग की कब्रगाह थी और इससे वारी संस्कृति में महिलाओं के स्थान के बारे में भी हमारा दृष्टिकोण बदल जाता है।"
पुरातत्ववेत्ताओं ने महीनों तक गुप्त रूप से खुदाई की क्योंकि उन्हें डर था कि इसके बारे में चोरों को पता चल जाएगा और वे इसे लूट लेंगे।
वारी सभ्यता सातवीं से दसवीं सदी के बीच फली-फूली और जिस दौरान इसने आज के समूचे पेरू को जीता लेकिन इसके बाद इसका रहस्यमयी और नाटकीय पतन हो गया।
वारी सभ्यता की राजधानी एंडीज़ पर्वत में आज के अयाकुचो के नज़दीक थी।