म्यांमार के उत्तर में स्थित राखिन प्रांत में बंदूकधारियों और सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में 12 लोगों की मौत हो गई। यह घटना अशांत इलाके में अचानक हिंसा भड़क जाने के कारण हुई। मंगलवार को इस हिंसा में चार सैनिकों के अलावा एक आक्रमणकारी उस समय मारा गया था जब प्यांगपीट गांव में सैकड़ों लोगों ने पिस्तौल और तलवार से सैनिकों पर हमला कर दिया।
तौंग पैंग न्यार में सैनिकों के साथ हुई झड़प के बाद म्यांमार के सरकारी अखबार ग्लोबल न्यू लाईट ने लिखा है कि इस घटना के बाद सैनिकों ने सात शव बरामद किए। इस तनाव के कारण वर्ष 2012 की घटनाओं के दोहराव की आशंका पैदा हो गई है।
उस दौरान राखिन में सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी और 100 से ज्यादा लोग मारे गए थे। तब हजारों रोहिंग्या लोगों को विस्थापन शिविरों में रहना पड़ा था। म्यांमार मामलों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष सलाहकार विजय नांबियार ने सैनिकों और निवासियों से अपील की है कि वे देश के लिए इस कठिन परिस्थिति में संयम बरतें।