भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्षविराम की सहमति बनने का प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को नया पैंतरा भी चल दिया।
इमरान ने पाकिस्तान को शांति और स्थिरता का पक्षधर करार देते हुए कहा, आगे की बातचीत के लिए अनुकूल माहौल बनाने की जिम्मेदारी भारत पर है। उन्होंने कहा, हम हमेशा शांति के लिए खडे़ होते हैं और सभी बकाया मसलों के बातचीत से समाधान के लिए आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।
बालाकोट में भारतीय वायुसेना द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को खत्म करने वाले एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की जवाबी एयर स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर इमरान खान ने कई ट्वीट किए। भारत और पाकिस्तान के संघर्षविराम पर संयुक्त एलान के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए इमरान ने कहा, मैं एलओसी पर संघर्षविराम की बहाली का स्वागत करता हूं।
भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के मुताबिक कश्मीरी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार और अरसे से लंबित मांग को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाना चाहिए।द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर करने के उद्देश्य से उचित माहौल बनाने की जिम्मेदारी भारत की है।
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान ने 24-25 फरवरी की मध्यरात्रि से नियंत्रण रेखा एवं सभी अन्य क्षेत्रों में संघर्ष विराम समझौतों और आपसी सहमतियों का सख्ती से पालन करने पर सहमति जताई।
भारत गैर-जिम्मेदाराना, पाकिस्तान जिम्मेदार
इमरान ने ट्वीट कर कहा, पाकिस्तान पर भारत के अवैध सैन्य हवाई हमले के दो साल होने पर मैं पूरे देश और अपनी सेना को बधाई देता हूं। एक गर्वित और आत्मविश्वासी देश के तौर पर हमने अपने हिसाब से समय और जगह पर दृढ़ता से जवाब दिया।
कैद किए गए पायलट को वापस करके हमने भारतीय भारत की गैर-जिम्मेदाराना सैन्य अस्थिरता के सामने हमने दुनिया को भी पाकिस्तान का जिम्मेदार रवैया दिखाया। 14 फरवरी, 2019 को पुलवामा आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।
इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी को आतंकी कैंपों को निशाना बनाते हुए बालाकोट एयरस्ट्राइक की। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने अगले दिन भारतीय सीमा में अपने विमान भेज दिए। भारतीय वायुसेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए इन विमानों को खदेड़ दिया था।