चीन में अब औपचारिक तौर पर यह स्वीकार किया गया है कि बच्चों का पालन-पोषण बेहद महंगा हो जाने के कारण लोग बच्चे पैदा करने से बच रहे हैं। इस बारे में हुए एक ताजा अध्ययन से सामने आया है कि चीन में जन्म से 18 साल की उम्र तक बच्चों को पालने का औसत खर्च चार लाख 85 हजार युवान यानी लगभग साढ़े 76 हजार डॉलर आता है। यह अध्ययन 2019 के आंकड़ों के आधार पर हुआ है। अध्ययन यू-वा पॉपुलेशन रिसर्च नाम की संस्था ने किया।
अध्ययनकर्ताओं ने यूरोप, एशिया और अमेरिका के 13 देशों के आंकड़ों से चीन की तुलना करते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इस अध्ययन के मुताबिक बच्चों का सबसे अधिक महंगा पालन-पोषण दक्षिण कोरिया में है। वहां प्रति व्यक्ति जीडीपी से 7.79 फीसदी गुना अधिक रकम जन्म से 18 साल की उम्र तक बच्चे के पालन-पोषण पर खर्च हो जाती है। रिपोर्ट में ध्यान दिलाया गया है कि दक्षिण कोरिया में प्रति महिला शिशु जन्म दर गिर कर 0.84 तक पहुंच चुकी है।
बच्चे को पालने का खर्च दस लाख तीन हजार युवान तक
चीन इस लिहाज से दूसरे नंबर पर है, जहां एक बच्चे के पालन-पोषण पर प्रति व्यक्ति जीडीपी का 6.9 गुना खर्च करना पड़ता है। अमेरिका में ये आंकड़ा 2015 में 4.11 गुना, ब्रिटेन में 2021 में 5.25 गुना, और जर्मनी में 2018 में 5.64 गुना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में शहरों और गांवों में बच्चों के पालन-पोषण के खर्च में भारी अंतर है। इस लिहाज से शंघाई सबसे महंगी जगह है, जन्म से 18 साल तक एक बच्चे को पालने का खर्च दस लाख तीन हजार युवान है।
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि बच्चों के पालन-पोषण पर बढ़ता खर्च ही वो वजह है, जिससे विवाहित दंपति एक से अधिक बच्चा पैदा करना नहीं चाहते। बहुत से नौजवान शादी से भी बचना चाहते हैं। नतीजा यह है कि चीन में प्रति महिला शिशु जन्म दर गिर कर 2021 में 1.64 पर पहुंच गई। 2020 में चीन में 81 लाख 40 हजार शादियां हुईं, जो 2019 से 11 लाख 30 हजार कम थीं। 2013 के बाद से हर साल इस संख्या में लगातार गिरावट आई है। चीन में कुल प्रजनन दर 1.15 तक आ गिरी है।
2005 में जापान में प्रजनन दर 1.26 फीसदी तक गिरी
अब अध्ययनकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति सुधारने के कदम नहीं उठाए गए, तो चीन को वैसी समस्या का सामना करना पड़ेगा, जैसा जापान को 2005 में करना पड़ा था। तब जापान में प्रजनन दर 1.26 फीसदी तक गिर गई थी। लेकिन उसके बाद जापान इसमें मामूली वृद्धि करने में सफल रहा है। 2021 में वहां ये दर 1.3 फीसदी रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा रुझान जारी रहा, तो 2040 तक चीन को जापान से भी अधिक मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
इसलिए अध्ययन रिपोर्ट में बच्चों के पालन-पोषण का खर्च घटाने का सुझाव दिया गया है। इसमें शामिल सुझावों में एक यह है कि दो बच्चों तक हर बच्चे के जन्म पर दंपतियों को एक हजार युवान की सब्सिडी दी जाए। तीन या उससे अधिक बच्चों वाले दंपतियों तो दो हजार युवान की सब्सिडी मिले। ये रकम बच्चों के 20 साल का होने तक हर महीने दी जानी चाहिए। इसके अलावा अधिक बच्चे पैदा करने वाले दंपतियों को इनकम टैक्स में छूट देने और सामाजिक सुरक्षा के लिए उन्हें अधिक भुगतान करने के सुझाव भी दिए गए हैं।