फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शोध: जीवन में संक्रमण का जिम्मेदार है शिशु उम्र का पहला वायरस, जोखिम भरा होता है बच्चा पैदा होने के शुरुआती दिनों में स्पर्शोन्मुख वायरल

Thu, 03 Feb 2022 12:58 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, एडिनबर्ग।

सार

अध्ययन के मुताबिक, नवजात शिशुओं की प्रतिरक्षा प्रणाली और माइक्रोबायोम आपस में गुंथे होते हैं जो हमारे शरीर में रहने वाले रोगाणुओं का समुदाय है। ये एक तरह से बच्चे के जोखिम और बाद में संक्रमणों को प्रभावित करते हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मां के गर्भ की सुरक्षा छोड़कर जब शिशु दुनिया में आता है तो उसके शरीर को नए वातावरण के साथ तालमेल बिठाने में वक्त लगता है। इसके लिए वह पहले कुछ दिनों या सप्ताहों में संक्रमित होता है जो स्वाभाविक है। लेकिन हाल के शोध में कहा गया है कि शिशु के शुरुआती दिनों या हफ्तों में स्पर्शोन्मुख वायरल संक्रमण जीवन में श्वसन संक्रमण के बढ़ते जोखिम से जुड़ा होता है।

विज्ञापन


शोध जर्नल नेचल माइक्रोबायोलॉजी में छपे अध्ययन के मुताबिक, नवजात शिशुओं की प्रतिरक्षा प्रणाली और माइक्रोबायोम आपस में गुंथे होते हैं जो हमारे शरीर में रहने वाले रोगाणुओं का समुदाय है। ये एक तरह से बच्चे के जोखिम और बाद में संक्रमणों को प्रभावित करते हैं।

विशेषज्ञों ने कहा, वायरस के शुरुआती संक्रमणों की रोकथाम की जा सकती है। लेकिन इसके लिए खासकर डिजाइन ब्रोबायोटिक्स के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करना जरूरी होता है। ये वैश्विक स्तर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों की 15 फीसदी मौतों के लिए जिम्मेदार है। एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 114 बच्चों में यह शोध किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें