कोरोना महामारी का खतरा अभी बरकरार है, दुनियाभर में इससे अभी तक तीन करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और दस लाख लोगों की मौत हुई है। उधर लगातार इससे जुड़े शोध भी किए जा रहे हैं। फिलहाल एक अध्ययन में दावा किया गया है कि नवजात शिशुओं को अपनी मां की कोख में कोविड-19 के संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।
न्यूयॉर्क में कोरोनो वायरस संक्रमित माताओं से पैदा हुए 101 शिशुओं में से सिर्फ दो ही प्रसव के बाद कोरोना संक्रमित मिले। हालांकि इस मामले में डॉक्टरों को यह ठीक से पता नहीं है कि शिशुओं में संक्रमण कैसे फैला लेकिन उन्होंने जोर दिया कि इसमें ऊर्ध्वाधर संचरण का कोई सबूत नहीं है। डॉक्टरों ने कहा कि यह तब होता है जब यह जन्म से पहले या बाद में मां से बच्चे तक, या तो नाल के माध्यम से, स्तन के दूध में, या सीधे संपर्क के माध्यम से जाए।
विशेषज्ञों का दावा है कि उनके अध्ययन से साबित होता है कि नवजात शिशुओं को संक्रमण से बचाने के लिए केवल बुनियादी संक्रमण नियंत्रण उपायों की आवश्यकता होती है, जैसे कि स्तनपान के दौरान मां का मास्क पहनना और हाथ धोना। शिक्षाविदों ने कहा कि शिशुओं को उनकी कोविड-19 संक्रमित माताओं से अलग करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि स्तनपान को सामान्य रूप से जारी रखना चाहिए क्योंकि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यह और भी सुरक्षात्मक हो सकता है क्योंकि स्तन के दूध में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी होते हैं।