चुनाव में कमला हैरिस का प्रचार कर रहे राष्ट्रपति जो बाइडन ने जलवायु परिवर्तन को अपने एजेंडे का आधार बनाया है। वहीं, राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने अभी तक अपनी जलवायु योजना का खुलासा नहीं किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जलवायु परिवर्तन बड़ा मुद्दा बन रहा है। चुनाव में दोनों पक्ष जलवायु नीतियों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
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विभिन्न संस्कृति और जाति के युवा प्रदर्शनकारी जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। प्रदर्शन न्यूयॉर्क, वाशिंगटन डीसी समेत अमेरिका के प्रमुख राज्यों में देखे जा रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस चुनाव में कमला हैरिस का प्रचार कर रहे राष्ट्रपति जो बाइडन ने जलवायु परिवर्तन को अपने एजेंडे का आधार बनाया है। वहीं, राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने अभी तक अपनी जलवायु योजना का खुलासा नहीं किया है। हालांकि अमेरिका के जलवायु कार्यकर्ताओं की मांग है कि डेमोक्रेटिक प्रत्याशी बताएं कि उन्होंने पृथ्वी को बचाने के लिए अब तक के सबसे बड़े पर्यावरणीय खतरे से निपटने की क्या योजना बनाई है। यही कारण रहा कि पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी घोषित होने के बाद हैरिस ने जलवायु परिवर्तन का खास जिक्र किया है लेकिन इस बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी है कि वे तेजी से बढ़ते तापमान को कैसे रोकेंगी।
कर रहे धरती को बचाने की मांग
रिपब्लिकन व डेमोक्रेट दोनों ही पक्षों के लोग हाथों में बैनर लेकर धरती को बचाने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि जलवायु संबंधी सार्वभौमिक समस्या से दुनिया को उबारने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अमेरिका की ही है।
हालांकि, इस चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस ने जलवायु संबंधी बयानों पर एक तरह से चुप्पी साध रखी है, जबकि उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान हैरिस को जलवायु चैंपियन के तमगे से नवाजा गया था। इसीलिए उनकी चुप्पी पर शिकायत ज्यादा है।