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Russia Poland Tension: पोलैंड में रूस नहीं, यूक्रेन की मिसाइलें गिरीं, आपात बैठक में बाइडन ने कही यह बात

Wed, 16 Nov 2022 11:21 AM IST
देव कश्यप एएनआई, वारसा (पोलैंड)।

सार

पोलैंड के प्रधानमंत्री माटुस्ज मोराविकी ने देश के क्षेत्र में मिसाइलों के गिरने की खबरों के बाद मंत्रिपरिषद की सुरक्षा परिषद समिति की बैठक बुलाई है। वहीं पोलैंड ने भी अपनी सेना को अलर्ट कर दिया है। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI
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विस्तार
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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पोलैंड पर मिसाइल हमले के मामले में नया खुलासा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि पोलैंड में गिरने वाली मिसाइलें रूस की ओर से नहीं दागी गई थीं। वहीं अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि नाटो सदस्य देश पोलैंड के क्षेत्र में जो मिसाइलें गिरीं वह यूक्रेन की थीं। दरअसल, रूसी हमले को रोकने के लिए यूक्रेन ने भी मिसाइलें दागी थीं, जो पोलैंड की सीमा में जाकर गिरीं। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी।

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हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने विश्व नेताओं के साथ आपात बैठक में यूक्रेन के नागरिकों पर हो रही बमबारी को रूस की बर्बरता करार दिया है। बता दें, पोलैंड में मिसाइल गिरने के बाद बाइडन ने जी-7 देशों और नाटो के सदस्य देशों की आपात बैठक बुलाई थी। बाइडन ने बैठक के दौरान कहा, पूर्वी पोलैंड में हुए नुकसान और पोलैंड की ओर से हमले की जांच का हम समर्थन करते हैं। बाइडन ने कहा, हम इस समय यूक्रेन का पूरी तरह से समर्थन कर रहे हैं। रूस के खिलाफ जंग में हम उसकी हर संभव मदद करते रहेंगे। वहीं, दूसरी तरफ सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद पोलैंड ने अपनी सेना का अलर्ट पर रहने के लिए कह दिया है। 

पोलैंड ने रूस के राजदूत को किया तलब
वहीं, इस मामले में पोलैंड ने रूस के राजदूत को तलब कर लिया है। पोलैंड के विदेश मंत्रालय की ओर से इस संबंध में बयान जारी किया गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता लुकाज जसीना ने कहा कि हमने घटना को लेकर तत्काल विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि 15 नवंबर को रूस की ओर से यूक्रेन पर भारी गोलाबारी की गई और सेना ने उसके संरचनात्मक ढांचे को भी तबाह कर दिया। दोपहर 3.40 बजे रूस निर्मित मिसाइल लुबेल्स्की प्रांत के ह्रुबिजोव जिले के प्रेजवोडो गांव पर गिराई गई और इसके परिणामस्वरूप पोलैंड गणराज्य के दो नागरिकों की मौत हो गई। इसलिए पोलैंड के विदेश मंत्री जबिग्न्यू राऊ ने रूस के राजदूत को तत्काल तलब किया है और इस घटना पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
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रूस में बना था रॉकेट, पोलैंड के विदेश मंमत्रालय ने की पुष्टि
समाचार एजेंसी एएनआई से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, पोलैंड के विदेश मंत्रालय ने उसके क्षेत्र में गिरे रॉकेट के रूस में बने होने की पुष्टि की है। वहीं पोलैंड की ओर से नाटो के अनुच्छेद 4 के आधार पर किए गए अनुरोध के तहत नाटो में शामिल सदस्य देशों के राजदूत आज इस मामले में बैठक करेंगे। नाटो के अनुच्छेद 4 के अनुसार, सदस्य किसी सदस्य देश की सुरक्षा से संबंधित चिंता का कोई भी मुद्दा उठा सकते हैं। यूरोपीय राजनयिकों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।

रूस ने किया इनकार
वहीं, मॉस्को ने पोलैंड पर रूसी मिसाइलों के हमले की रिपोर्ट को 'उकसाने' की घटना बताया। न्यूज एजेंसी एएफपी ने यह जानकारी दी। रूस के रक्षा मंत्रालय ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है कि रूसी मिसाइलों ने पोलिश क्षेत्र में हमला किया। इस रिपोर्ट के बारे में बताते हुए इसे "युद्ध की बढ़ती स्थिति के बीच जानबूझकर एक उकसावे" के रूप में वर्णित किया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन-पोलैंड सीमा को लक्ष्य बनाकर रूसी मिसाइलों से कोई हमला नहीं किया गया है। 

उधर, पोलैंड में मिसाइलों के गिरने की खबरों पर हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबना ने रक्षा परिषद की बैठक बुलाई। एएफपी ने अधिकारी का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता एड्रिएन वॉटसन ने इस संबंध में कहा कि हमने पोलैंड से आई रिपोर्टें देखी हैं। हम इस समय रिपोर्ट या किसी भी विवरण की पुष्टि नहीं कर सकते। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने पोलैंड के राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो के प्रमुख जेसेक सिविएरा से बात की।

नाटो महासचिव ने पोलैंड के राष्ट्रपति से की बात
पोलैंड में 'विस्फोट' की रिपोर्ट पर नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा से बात की, जानमाल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया, तथ्यों को स्थापित करने पर जोर दिया। इसके अलावा राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी ताजा हालात को लेकर बात की है।

पोलैंड के प्रधानमंत्री बैठक बुलाई
पोलैंड के प्रधानमंत्री माटुस्ज मोराविकी ने देश के क्षेत्र में मिसाइलों के गिरने की खबरों के बाद मंत्रिपरिषद की सुरक्षा परिषद समिति की बैठक बुलाई। सरकार के प्रवक्ता पिओतर मुलर ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री मोराविकी ने तत्काल राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा मामलों के लिए मंत्रिपरिषद की समिति को बुलाया। इस मामले को लेकर पश्चिमी मीडिया ने कहा कि दो अनियंत्रित रॉकेट पोलिश क्षेत्र में गिरे, जो रूस की तरफ से दागे गए थे।पोलैंड उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) सैन्य गठबंधन का सदस्य है। नाटो संधि के अनुच्छेद पांच में कहा गया है कि यदि किसी सदस्य देश के खिलाफ सशस्त्र हमला होता है, तो इसे सभी सदस्यों के खिलाफ हमला माना जाएगा। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि रूस ने खेरसान से वापसी के बाद मंगलवार को यूक्रेन के शहरों पर मिसाइलों की बारिश की। मिसाइल हमलों के बीच लगभग एक दर्जन प्रमुख शहरों में हवाई हमले के सायरन बजे और विस्फोट हुए।

पोलैंड में रूसी मिसाइलों के गिरने की खबरों पर गौर कर रहे हैं: पेंटागन
पोलिश क्षेत्र में रूसी मिसाइलों के गिरने के बारे में रिपोर्ट सामने आने के बाद अमेरिका ने इस मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले स्थिति के तथ्यों को इकट्ठा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पेंटागन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट्रिक राइडर ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि हम इस रिपोर्ट से अवगत हैं, लेकिन रिपोर्ट की पुष्टि करने के लिए इस समय कोई जानकारी नहीं है। हमने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उन पर गौर कर रहे हैं। जैसे ही हमारे पास इसकी जानकारी आएगी, हम आपको इस बारे में बताएंगे। उन्होंने कहा कि हम इस मामले में तथ्यों को जुटा रहे हैं। मुझे लगता है कि यह हम सभी को करना चाहिए कि हम अनुमान लगाने या किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों को इकट्ठा करें।

 जेलेंस्की ने रूस पर साधा निशाना 
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलादिमिर जेलेंस्की ने कहा, मिसाइलें गिरने के बाद पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रजेज डूडा के साथ फोन पर बातीचत हुई। रूसी मिसाइल हमले में पोलिश नागरिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, हमने मामले से संबंधित उपलब्ध जानकारियों साझा किया। उन्होंने कहा, दुनिया को आतंकी रूस से पूरी तरह सुरक्षित किया जाना चाहिए। 

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