India-Bangladesh: भारत और बांग्लादेश के बीच द्विवार्षिक डीजी-स्तरीय सीमा वार्ता के 55वें संस्करण के दौरान बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश की डीजी ने दावा किया कि, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरों को 'बढ़ा-चढ़ाकर' बताया और कहा कि अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं।
बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बल के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद अशरफज्जमां सिद्दीकी ने गुरुवार को अपने देश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरों को 'बढ़ा-चढ़ाकर' बताया और कहा कि अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। भारत के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रमुख दलजीत सिंह चौधरी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफज्जमां सिद्दीकी ने कहा कि बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर कुछ स्थानों पर बाड़ लगाने के संबंध में आपत्ति जताई है और उम्मीद है कि भविष्य में इस मुद्दे का समाधान हो जाएगा।
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अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ में कमी आई- बीएसएफ
वहीं बीएसएफ प्रमुख दलजीत सिंह चौधरी ने कहा कि 5 अगस्त, 2024 को शेख हसीना सरकार के पतन के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ में काफी कमी आई है। जबकि अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर मोहम्मद अशरफज्जमां सिद्दीकी ने कहा, 'बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। हमें अल्पसंख्यकों से कई अनुरोध मिले क्योंकि वे डरे हुए थे, लेकिन बीजीबी ने उन्हें आश्वस्त किया कि हम मदद करेंगे।'
बाड़ लगाने से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई- बीजीबी प्रमुख
बीजीबी प्रमुख ने कहा कि बीएसएफ के साथ उनकी द्विवार्षिक बैठक में बाड़ लगाने से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई क्योंकि यह सबसे अधिक केंद्रित एजेंडा था। उन्होंने कहा, 'जहां भी मुद्दे हैं, हमने संयुक्त निरीक्षण का अनुरोध किया है।' मोहम्मद अशरफज्जमां सिद्दीकी ने यह भी कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा संधि को फिर से तैयार करने पर कोई चर्चा नहीं हुई, जिस पर 1975 में सहमति बनी थी। उन्होंने कहा, 'यह इस बैठक के दायरे में नहीं था।'
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डीजी-स्तरीय सीमा वार्ता का 55वां संस्करण
यह भारत और बांग्लादेश के बीच द्विवार्षिक डीजी-स्तरीय सीमा वार्ता का 55वां संस्करण था, जिसे उनके संबंधित सीमा सुरक्षा बलों- बीएसएफ और बीजीबी द्वारा आयोजित किया गया था। पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद दोनों सीमा सुरक्षा बलों के बीच यह पहली शीर्ष स्तरीय बैठक थी। बीएसएफ 4,096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा की रक्षा करता है जो पांच राज्यों - पश्चिम बंगाल (2,217 किलोमीटर), त्रिपुरा (856 किलोमीटर), मेघालय (443 किलोमीटर), असम (262 किलोमीटर) और मिजोरम (318 किलोमीटर) से होकर गुजरती है। इन द्विवार्षिक वार्ताओं का पिछला संस्करण पिछले साल मार्च में ढाका में आयोजित किया गया था।